मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी, पति सौरभ की हत्या के बाद दोनों घूमने चले गए!

मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी, पति सौरभ की हत्या के बाद दोनों घूमने चले गए!

मेरठ। देशभर में चर्चित मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने 14 अक्टूबर को बड़ा फैसला सुनाते हुए सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ की हत्या के इस मामले में अदालत दोनों को पहले ही दोषी ठहरा चुकी थी। करीब 13 महीने तक चली सुनवाई, 127 तारीखों और 22 से अधिक गवाहों के बयान के बाद अदालत ने दोनों के लिए मृत्युदंड का फैसला सुनाया। दोनों दोषी मेरठ की चौधरी चरण सिंह कारागार में बंद हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी, दोषियों कुछ नहीं बोले
सजा सुनाने से पहले बुधवार सुबह अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुस्कान और साहिल से बातचीत की। न्यायाधीश ने दोनों से पूछा कि वे सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं। इस पर दोनों ने कोई बात कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई।

पत्नी और प्रेमी ने मिलकर की सौरभ की हत्या
सौरभ राजपूत हत्याकांड का खुलासा मार्च 2025 में हुआ था। इस घटना ने रिश्तों और भरोसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम करते थे और विदेश में रहते थे। फरवरी 2025 के अंतिम सप्ताह में वह छुट्टी लेकर मेरठ लौटे थे, ताकि पत्नी मुस्कान और बेटी का जन्मदिन मना सकें। इसी दौरान उन्हें पत्नी और साहिल के संबंधों की जानकारी हो गई थी।

अवैध संबंधों में बाधक बनने पर हुआ हत्याकांड
अभियोजन के अनुसार, सौरभ इस रिश्ते में बाधा बन रहे थे। इसी वजह से मुस्कान और साहिल ने उनकी हत्या की योजना बनाई। 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। उनके बेहोश होने के बाद साहिल को घर बुलाया गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ का गला रेतकर उनकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए दोनों ने शव के टुकड़े किए। अगले दिन एक बड़ा नीला ड्रम, सीमेंट और बालू खरीदी गई। शव के टुकड़ों को ड्रम में रखकर उसमें सीमेंट का घोल भर दिया गया, ताकि शव बाहर दिखाई न दे और दुर्गंध भी बाहर न निकले। इस तरह हत्या के सबूत छिपाने की कोशिश की गई।

हत्या के बाद शिमला-मनाली घूमने चले गए
सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला-मनाली घूमने चली गई। दोनों करीब 13 दिनों तक हिमाचल प्रदेश में रहे। इस दौरान मुस्कान सौरभ के फोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती रही, ताकि परिजनों को उनकी मौजूदगी का भ्रम बना रहे।
मुस्कान ने परिवार के लोगों को बताया था कि वह सौरभ के साथ घूमने जा रही है। हिमाचल प्रदेश से लौटने के बाद जब बेटी ने अपने पिता से मिलने की जिद की, तो मुस्कान ने उसे और परिवार के अन्य सदस्यों को यह कहकर टाल दिया कि सौरभ को अचानक विदेश लौटना पड़ा है। हालांकि, लगातार उठ रहे सवालों और सौरभ से संपर्क नहीं होने के कारण परिवार का संदेह बढ़ता गया।

भाई राहुल के घर पहुंचने पर खुला हत्याकांड का राज
18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई राहुल के घर पहुंचने पर मामले का पर्दाफाश हुआ। घर में साहिल की मौजूदगी और भीतर से आ रही तेज दुर्गंध ने राहुल को शक करने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने घर की तलाशी ली तो वहां रखा नीला ड्रम सामने आया। ड्रम खोलने पर उसमें सौरभ के शव के क्षत-विक्षत टुकड़े मिले। इसके बाद पुलिस ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान हत्या और शव को ठिकाने लगाने की पूरी घटना सामने आई। लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने दोनों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया। 14 अक्टूबर को सुनाए गए फैसले में दोनों को मृत्युदंड दिया गया। इस फैसले के साथ ही देशभर में चर्चा में रहे नीला ड्रम हत्याकांड के मुकदमे में जिला अदालत ने अपना फैसला सुना दिया।

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