इंदौर में फर्जी डिग्री से नौकरी करने वाले 51 शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज होगी, फिर उनसे होगी वेतन वसूली!
इंदौर। सांवेर क्षेत्र में शिक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की, जिसमें फर्जी डीएड और बीएड की डिग्रियां तथा अंकसूचियां बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले 51 शिक्षकों का मामला पकड़ा गया। अब पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और इसके बाद उनकी पूरी सेवा अवधि के दौरान मिले वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। यह मामला एक शिकायत के बाद सामने आया।
यह प्रकरण वर्ष 2006 से 2007 के बीच सांवेर में हुई संविदा शाला शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, जो उस समय के शासनकाल में संपन्न हुई थी। वर्तमान में ये सभी शिक्षक लगभग बीस वर्ष से शासकीय विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इनमें से कई लोग पदोन्नति भी प्राप्त कर चुके। मौजूदा समय में इनकी मासिक सैलरी 50 हजार से एक लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा सेवा काल के दौरान प्रदान किए गए वेतन का पूरा हिसाब लगाया जा रहा है, और अनुमान जताया जा रहा है कि यह रिकवरी राशि 100 करोड़ रुपए के आंकड़े तक पहुंच सकती है। इसके अतिरिक्त 23 अन्य संदिग्ध शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच अभी भी जारी है, जबकि लोकायुक्त द्वारा कुल 74 शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब किया गया है।
ऐसे खुला यह मामला
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला शिक्षा अधिकारी को वर्ष 2021 में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के उपरांत नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन माध्यमिक शिक्षा मंडल से करवाया गया, जिसकी जानकारी जून 2022 से अप्रैल 2023 के बीच प्राप्त हुई। इसके बाद चार प्राचार्यों की एक विशेष समिति गठित की गई, जिसने मई 2024 में अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी।
शिक्षा मंडल के रिकॉर्ड में ही अंकसूचियां नहीं
जांच समिति की पड़ताल में यह बात स्पष्ट हुई कि संविदा शाला शिक्षक परीक्षा के दौरान जमा किए गए कई शैक्षणिक प्रमाण पत्र माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कभी जारी ही नहीं किए गए थे। कुछ प्रकरणों में एक ही अनुक्रमांक पर किसी अन्य परीक्षार्थी की अंकसूची दर्ज पाई गई। भोपाल की एसटीएफ टीम ने भी इस प्रकरण की गहराई से पड़ताल की और संबंधित डिग्रियों को पूरी तरह फर्जी करार दिया। इस जांच के दायरे में उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांवेर, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांवेर, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चंद्रावतीगंज, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डकाच्या, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांगलिया, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धरमपुरी और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजनोद संकुल के शिक्षक आ रहे हैं।
एफआईआर कराने के निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित संकुल प्राचार्यों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन सभी शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएं। इसके साथ ही विभाग प्रत्येक शिक्षक के कार्यकाल और उस दौरान दिए गए वेतन का ब्योरा जुटा रहा है ताकि रिकवरी की प्रक्रिया को कानूनी रूप से आगे बढ़ाया जा सके।

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