इंदौर में मिलावट पर शिकंजा, 2 माह में 723 नमूने, 25 हजार किलो सामग्री जब्त, 5 लाइसेंस निलंबित!

इंदौर में मिलावट पर शिकंजा, 2 माह में 723 नमूने, 25 हजार किलो सामग्री जब्त, 5 लाइसेंस निलंबित!

इंदौर। मिलावट, अमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अगस्त-सितंबर 2026 में कार्रवाई तेज की। जिलेभर में खाद्य प्रतिष्ठानों, कारखानों, डेयरियों, होटल-रेस्टोरेंट और भंडारण केंद्रों की जांच कर 723 नमूने लिए गए। करीब 25 हजार किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 67 लाख रुपए आंकी गई है।
इस दौरान पहले लिए गए 259 नमूनों की रिपोर्ट मिली, जिनमें 45 खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। बिना लाइसेंस और गंदगी में खाद्य पदार्थ बनाने वालों पर भी कार्रवाई हुई। सुदामा नगर के श्री इंटरप्राइजेज को बिना लाइसेंस संचालित पाए जाने पर बंद कर संदिग्ध घी जब्त किया गया। पालदा की उमापति इंडस्ट्री में अस्वच्छ परिस्थितियों में बन रहा 450 किलो लो-फैट एनालॉग पनीर जब्त कर उत्पादन बंद कराया गया। सिंध डेयरी फार्म से घी-पनीर सहित 252 किलो सामग्री जब्त कर निर्माण रुकवाया गया। बाणगंगा में राजकुमार जायसवाल की फर्म का निर्माण-प्रसंस्करण बंद कराया गया। चाणक्य बॉयज हॉस्टल की मेस में गंदगी और सड़े आलू मिलने पर संचालन बंद कराया गया।


होटल सयाजी के दोनों किचन सील
होटल सयाजी की रसोई और भंडारण क्षेत्र में कॉकरोच-चूहे, फंगस लगी मूंगफली और बिना पैकिंग व एक्सपायरी डेट की खराब सामग्री मिली। दोनों किचन सील कर खाद्य और बार लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। एडम्स एल रेस्टोरेंट में एक्सपायर्ड सामग्री और पिस्ता, मिर्च पाउडर व सौंफ में कीड़े मिलने पर खाद्य लाइसेंस निलंबित किया गया। दो माह में कुल 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित हुए।

संदिग्ध घी की बिक्री रोकी
पराग मिल्क फूड्स के डिपो से गोवर्धन ब्रांड के करीब 25 हजार लीटर संदिग्ध घी की बिक्री रोकी गई। मां बगलामुखी एंटरप्राइजेज से 1750 लीटर और डुग्गू एंटरप्राइजेज से 1050 किलो संदिग्ध घी जब्त हुआ। मोहनी मावा भंडार से 716 किलो एनालॉग मीठा मावा जब्त किया गया। दूध, पनीर, मावा और घी के नमूने लेकर जांच की गई। दूध में संभावित मिलावट की प्राथमिक जांच रैपिड टेस्ट किट से हुई। मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के जरिए मौके पर जांच और जन जागरूकता भी की गई।

खामियां मिलने पर नोटिस दिए
रेडिसन ब्लू, रेडिसन रेड, मैरियट, शेरेटन, द रेड मेपल, इंफिनिटी, फेयरफील्ड, श्रीमाया और स्काईलाइन रिसोर्ट सहित बड़े होटलों की भी जांच हुई। स्वच्छता, भंडारण, पानी, कच्चे माल, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र और कीट नियंत्रण में कमियां मिलने पर नोटिस दिए गए। अन्य राज्यों और जिलों से आने वाले तेल, घी, पनीर और एनालॉग उत्पादों के थोक विक्रेताओं व भंडारण केंद्रों की भी जांच की गई। इस दौरान 3,028 खाद्य लाइसेंस-पंजीयन जारी हुए और शासन को करीब 43 लाख रुपए राजस्व मिला।

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