सामूहिक विवाह के नाम पर छला, 42 परिवारों को शादी का झांसा देकर लाखों बटोरे, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

देवास। आस्था और सामाजिक सरोकार की आड़ में एक बेहद शर्मनाक धोखाधड़ी की घटना सामने आई। शादी के पवित्र बंधन का सपना संजोए 42 से अधिक परिवारों के साथ सामूहिक विवाह के नाम पर लाखों रुपए की जालसाजी की गई है। पीड़ित परिवारों को तय तारीख पर आयोजन स्थल पर बुलाकर ठग खुद चंपत हो गए। जब लोग सज-धजकर विवाह स्थल पर पहुंचे, तो वहां न तो मंडप सजा मिला और न शादी कराने वाले आयोजकों का कोई अता-पता था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से प्रभावित परिवारों में गहरा आक्रोश और निराशा है। लोग इस बात को स्वीकार ही नहीं कर पा रहे हैं कि विवाह जैसी पवित्र व्यवस्था के नाम पर उनके साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी हो सकती है। बाद में पुलिस ने मुख्य आरोपी हिरासत में ले लिया।

शमशाबाद के दंपति ने बुना था जाल, 25-25 हजार वसूले
इस पूरी साज़िश के पीछे शमशाबाद के रहने वाले एक पति-पत्नी का नाम सामने आ रहा है। इस दंपति ने उन परिवारों को अपनी ठगी का निशाना बनाया, जिनके घरों में विवाह योग्य युवकों के रिश्ते तय नहीं हो पा रहे थे। ठगों ने इन परिवारों की इसी मजबूरी और चिंता का फायदा उठाने की योजना बनाई। उन्होंने एक मध्यस्थ यानी अपने परिचित व्यक्ति का सहारा लिया और अलग-अलग जिलों में रहने वाले इन परेशान परिवारों से संपर्क साधा।
दंपति ने सभी को विश्वास दिलाया कि वे देवास में एक बड़े सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन करने जा रहे हैं, जहां नियमानुसार शादियां संपन्न कराई जाएंगी। इस आयोजन में शामिल होने और विवाह की तमाम व्यवस्थाओं के एवज में हर एक परिवार से 25-25 हजार रुपए की नकद राशि जमा करा ली गई। इस तरह 42 से अधिक परिवारों से कुल मिलाकर लाखों रुपए ऐंठ लिए गए।

सपने दिखाकर बुलाया, मौके पर मिला धोखा
ठगी की इस अनोखी वारदात को अमलीजामा पहनाने के लिए आरोपियों ने बकायदा एक पूरा कार्यक्रम तैयार किया था। उन्होंने पीड़ित परिवारों को कहा कि वे 24 मई को देवास पहुंच जाएं, जहां सबसे पहले उन्हें माता टेकरी के दर्शन करवाए जाएंगे। इसके बाद सभी परिवारों के रुकने और ठहरने का इंतजाम राधागंज स्थित क्लब मैदान में करने का दावा किया गया। अंतिम चरण में 25 मई को सामूहिक विवाह संपन्न कराने का वादा था।

वादे के मुताबिक अलग-अलग जिलों से अपनी संतानों के विवाह की आस लेकर माता-पिता, युवक और उनके रिश्तेदार भारी उम्मीदों के साथ राधागंज के क्लब मैदान पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचते ही उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। मैदान में न तो ठहरने की कोई व्यवस्था थी और न शादी की कोई तैयारी। घंटों तक भीषण गर्मी में इंतजार करने के बाद जब कोई जिम्मेदार व्यक्ति सामने नहीं आया, तब जाकर लोगों को समझ आया कि वे एक सोची-समझी साजिश और ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद ठगे गए लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने वहां मौजूद दिनेशदास बैरागी नामक व्यक्ति के भाई को घेरकर इस गड़बड़ी को लेकर तीखे सवाल-जवाब शुरू कर दिए।

पुलिस ने शुरू की पड़ताल, पीड़ितों के बयानों पर कार्रवाई
इस बड़े हंगामे और धोखाधड़ी की सूचना मिलते ही बीएनपी थाना पुलिस सतर्क हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जिन मुख्य आरोपियों पर पैसे ऐंठने और गायब होने का सीधा आरोप है, वे फिलहाल घटनास्थल से नदारद हैं। पुलिस ने मौके पर मिले आरोपियों के उसी परिचित व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिसके माध्यम से इन परिवारों से संपर्क किया गया था।
फिलहाल उस संदेही से पूछताछ की जा रही है ताकि मुख्य आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और सभी पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज करने के बाद कानून के दायरे में कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

गुस्साए परिवारों का हंगामा
ठगी का एहसास होते ही मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गईम उन्होंने मौके पर मौजूद दिनेशदास बैरागी के भाई से जवाब-तलब शुरू कर दिया। कई परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे वादों में फंसाकर पैसे ले लिए गए। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई। बीएनपी थाना पुलिस के अनुसार, जिन लोगों ने पैसे लिए थे, वे मौके से गायब हो गए।

मुख्य आरोपी हिरासत में
देवास के एडिशनल एसपी जयवीर भदोरिया के मुताबिक, फरियादी अभिषेक से चर्चा के बाद मामला दर्ज कर लिया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकेश और उसकी पत्नी को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है।

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