Balaghat gangrape : 7 लाख के ऑफर को ठुकराकर पीड़िताओं की मांग- ‘हमें चाहिए इंसाफ, फांसी दो’

Balaghat gangrape : 7 लाख के ऑफर को ठुकराकर पीड़िताओं की मांग- ‘हमें चाहिए इंसाफ, फांसी दो’

भोपाल, 28 अप्रैल 2025: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में तीन नाबालिग और एक युवती के साथ गैंगरेप की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 23 अप्रैल की रात को हुई Balaaghat gangrape वारदात के बाद आरोपियों ने मामले को दबाने के लिए पीड़िताओं को 7 लाख रुपये का लालच दिया। लेकिन, पीड़िताओं ने पंचायत में अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।

बालाघाट गैंगरेप

पुलिस ने चारों पीड़िताओं को सुरक्षा प्रदान करते हुए उन्हें बालाघाट के हाई-सिक्योरिटी गेस्ट हाउस में रखा है। सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उनकी तीन दिन की रिमांड मंजूर हुई है।

Balaaghat gangrape : रात 2 से सुबह 5 बजे तक दरिंदगी

घटना 23 अप्रैल रात की है, जब पीड़िताएं एक पड़ोसी गांव में शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। आदिवासी परंपरा के अनुसार, शादी में आसपास के गांवों की पंचायतों को न्योता दिया जाता है। उस दिन चार किलोमीटर दूर एक गांव में शादी थी, जहां ये लड़कियां भी गई थीं। रात करीब 1:30 बजे तक डांस और रस्में चलीं। इसके बाद चार लड़कियां, जिनमें तीन नाबालिग (15-17 साल) और एक 21 साल की युवती थी, साथ में एक 7 साल की बच्ची के साथ अपने गांव लौट रही थीं। उनके साथ गांव का एक युवक भी था।

रास्ते में सात युवकों ने, जो नशे में धुत थे, बाइक से उनका पीछा किया और रोक लिया। लड़कियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। साथ मौजूद युवक ने विरोध किया, लेकिन उसे पीटकर और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने रात 2 बजे से सुबह 5 बजे तक बारी-बारी से चारों लड़कियों के साथ दुष्कर्म किया। सात साल की बच्ची को डराकर वहीं बैठा दिया गया।वारदात के बाद लड़कियां किसी तरह घर पहुंचीं, लेकिन सदमे और दर्द के कारण उनका हाल बेहाल था।

पंचायत में समझौते की कोशिश, पीड़िताओं ने ठुकराया ऑफर

घटना के बाद दोनों गांवों की पंचायत दो दिन तक चली। आरोपियों की तरफ से मामले को रफा-दफा करने के लिए 7 लाख रुपये का ऑफर दिया गया। पंचायत में कई लोग जमा हुए और पीड़िताओं व उनके परिजनों पर समझौते का दबाव बनाया गया। लेकिन, पीड़िताएं अडिग रहीं।

भरी पंचायत में एक पीड़िता ने कहा, “इन लोगों ने हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी। हमने रहम की भीख मांगी, उनके पैर पकड़े, लेकिन उन्होंने हमारी एक न सुनी। अब कोई समझौता नहीं। हम इन्हें फांसी पर लटकते देखना चाहते हैं।” पीड़िताओं की हिम्मत और दृढ़ता के बाद 25 अप्रैल को हट्टा थाने में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया।

कौन हैं आरोपी?

सातों आरोपी भगतपुर गांव के रहने वाले हैं। इनके नाम हैं लोकेश मात्रे (22), लालचंद खरे (34), अजेंद्र बाहे (28), अज्जू बगडते (21), राजेंद्र कावरे (20), मनीराम बाहे (21), इगलेश मात्रे (19)

इनमें से लालचंद खरे तीन बच्चों का पिता है, और अजेंद्र बाहे की पत्नी गर्भवती है। बाकी पांच अविवाहित हैं।

Balaaghat gangrape : समाज में गुस्सा

सर्व आदिवासी समाज की अध्यक्ष मीना उइके और गोंडवाना गोंड महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भुवन सिंह कोर्राम ने रविवार को पीड़िताओं के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इस घटना ने पूरे समुदाय को झकझोर दिया है। मीना उइके ने कहा, “हमारी बेटियां मेहमान बनकर गई थीं, लेकिन उनके साथ ऐसा सलूक हुआ। यह शर्मनाक है।”

इस घटना ने न केवल बालाघाट, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। पीड़िताओं की हिम्मत और न्याय की मांग ने समाज को एक नई दिशा दी है। पुलिस की जांच और कोर्ट का फैसला अब इस मामले में अहम होगा।

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