नई दिल्ली। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के हक की आवाज उठाने पर पुलिस हिरासत में लिए गए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की रिहाई के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस द्वारा कुछ समय के लिए हिरासत में रखे जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन छत्रसाल स्टेडियम डिटेंशन सेंटर से उनका एक वीडियो इंटरनेट पर जबरदस्त तरीके से देखा जा रहा है। इस वीडियो में राहुल गांधी परिसर की सीढ़ियों पर बेहद साधारण अंदाज में बैठे नजर आ रहे हैं। उनके एक पांव में जूता है जबकि दूसरा पांव नंगे पैर दिखता है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संसदीय बहस हो
इस वीडियो में कांग्रेस नेता युवाओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार पर हमला बोलते दिखाई देते हैं। उन्होंने साफ कहा कि देश की संसद में शिक्षा प्रणाली और विद्यार्थियों की परेशानियों पर बातचीत करने की मांग उठाई गई थी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री को सीधा संदेश देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य और उनसे जुड़े विषयों पर संसद भवन के भीतर खुलकर बातचीत होनी चाहिए, ताकि उनकी चिंताओं का सही हल खोजा जा सके। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि नौजवानों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर संसदीय बहस होना ही हमारे लोकतंत्र की सच्ची पहचान है।
सरकार के सामने राहुल गांधी ने 3 मुख्य शर्तें रखी
डिटेंशन सेंटर के अंदर से जारी अपने संदेश में विपक्ष के नेता ने केंद्र सरकार के सामने 3 मुख्य शर्तें रखी हैं। उन्होंने सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत पद छोड़ने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित सख्ती की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कदम उठाने को कहा। अपनी तीसरी मांग में उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को देश के छात्रों की तकलीफों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और देश की परीक्षा व शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुधार की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को हुई, जब राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी तथा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई प्रमुख नेताओं और समर्थकों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद कुछ नेताओं को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन भेजा गया, वहीं राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम के डिटेंशन सेंटर में रखा गया था।