इंदौर। शहर में जान से मारने की धमकी के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक मामले में हत्या के केस के गवाह को जिला न्यायालय में बयान देने के कुछ घंटे बाद फोन कर गवाही बदलने का दबाव बनाया गया, जबकि दूसरे मामले में एक महिला वकील ने एसिड फेंकने और गोली मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई है।
पहला मामला रावजी बाजार थाना क्षेत्र का है। गाड़ी अड्डा निवासी करण धीमान ने पुलिस को बताया कि वह सेल्समैन है और 1 जनवरी 2025 को अपने दोस्त राज कुशवाह की हत्या के मामले में गवाह है। इस हत्या के मामले में प्रतीक धीमान, शुभम फुलेरिया और रोहन वर्मा आरोपी हैं। करण के अनुसार बुधवार को उसने जिला न्यायालय में इस मामले में गवाही दी थी। शाम को उसके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आरोपी प्रतीक धीमान का भाई अर्पित धीमान बताया और कहा कि उसने उसके भाई के खिलाफ कोर्ट में बयान दिया है।
गवाही बदलने का दबाव
करण ने घबराकर कॉल काट दिया, लेकिन कुछ देर बाद फिर कॉल आया। आरोप है कि इस दौरान उसे और उसके एक अन्य दोस्त को जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही उस पर गवाही बदलने का दबाव भी बनाया गया। इसके बाद करण रावजी बाजार थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अर्पित धीमान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरा मामला गांधी नगर थाना क्षेत्र का है। यहां महिला वकील विनीता गुर्जर ने पप्पू सौदागर, ललिता सौदागर, करण और हर्ष बंजारा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
आरोपियों से पारिवारिक विवाद
विनीता गुर्जर ने पुलिस को बताया कि आरोपियों से उनका पारिवारिक विवाद चल रहा है और ललिता सौदागर आए दिन विवाद करती थी। बुधवार दोपहर वह अपने पति के साथ थीं, तभी करण वहां पहुंचा और उनके पति से विवाद करने लगा। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की तथा एसिड फेंकने और गोली मारने की धमकी दी। घटना के बाद विनीता गुर्जर अपने पति के साथ वहां से चली गईं और गांधी नगर थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने बुधवार रात चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।