बदल सकता है मध्य प्रदेश का मौसम, जून के पहले सप्ताह में बढ़ेंगी मानसून पूर्व गतिविधियां!

बदल सकता है मध्य प्रदेश का मौसम, जून के पहले सप्ताह में बढ़ेंगी मानसून पूर्व गतिविधियां!

केरल में जल्दी पहुंचने वाले मानसून का असर मालवा-निमाड़ तक, नौतपा में आंधी पानी के आसार

   भोपाल। केरल में इस वर्ष मानसून के सामान्य समय से पहले पहुंचने की संभावना का असर अब मध्य प्रदेश के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल में प्रवेश करता है, तो इंदौर सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश में जून के पहले सप्ताह से मानसून पूर्व गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भी मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं।

नौतपा में इस बार कम पड़ सकती है तपिश
   इस बार नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान आंधी और बारिश की स्थिति बनने के कारण भीषण गर्मी का असर कुछ कम रह सकता है। वर्ष 2019 से 2025 के बीच इंदौर में मानसून 15 से 20 जून के बीच पहुंचता रहा है। ऐसे में यदि केरल में मानसून जल्दी सक्रिय होता है तो प्रदेश में भी मौसम तेजी से करवट ले सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून पूर्व दौर में तेज हवाएं, धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। इसके चलते नौतपा के दौरान लगातार तपन की संभावना कम मानी जा रही है।

बादलों और नमी से बदल रहे गर्मी के तेवर
   पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, लेकिन बादलों की आवाजाही और वातावरण में बढ़ती नमी के कारण गर्मी का असर लगातार बदल रहा है। कभी तेज गर्मी तो कभी हल्की राहत जैसी स्थिति बन रही है। मौसम विभाग के अनुसार स्थानीय मौसमी तंत्र, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रभाव के कारण बादल बन रहे हैं। यही वजह है कि कई इलाकों में मौसम अचानक बदल रहा है।

किसानों के अहम मानसून पूर्व दौर
    मानसून आने से पहले का यह समय किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान जमीन में नमी बढ़ने लगती है और खरीफ फसलों की तैयारी शुरू हो जाती है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी भी दी है कि तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

15 से 22 दिन में इंदौर पहुंचता है मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार सामान्य तौर पर केरल में मानसून पहुंचने के करीब 15 से 22 दिन बाद यह इंदौर और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचता है। हालांकि हर बार स्थिति एक जैसी नहीं रहती। वर्ष 2019 और 2023 में केरल में मानसून की देरी का असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ा था और इंदौर में बारिश देर से शुरू हुई थी।

क्या होता है मानसून पूर्व दौर
   दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले जब वातावरण में नमी बढ़ने लगती है और गरज-चमक, तेज हवा तथा हल्की बारिश जैसी गतिविधियां शुरू हो जाती हैं, उसे मानसून पूर्व अवधि कहा जाता है। मध्य भारत में यह समय आमतौर पर मई के दूसरे पखवाड़े से लेकर 15 जून तक रहता है।

इंदौर-भोपाल में दिख सकता है असर
    मौसम विभाग का अनुमान है कि इंदौर में शाम के समय तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, हालांकि उमस बढ़ने से गर्मी का अहसास बना रहेगा। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज आंधी की आशंका भी जताई गई है। भोपाल को प्रदेश के उन प्रमुख शहरों में माना जाता है, जहां मानसून सबसे पहले पहुंचता है।
   आमतौर पर जबलपुर और इंदौर के साथ या उनके 24 से 48 घंटे के भीतर भोपाल में मानसून सक्रिय हो जाता है। इस बार यदि केरल में मानसून 26 मई के आसपास पहुंचता है तो भोपाल में 1 से 7 जून के बीच तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मानसून पूर्व गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। वहीं 15 जून के आसपास मानसून के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

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