‘नीट’ पेपर लीक पर सरकार का बड़ा कदम, टेलीग्राम पर इसलिए लगी रोक, 22 जून तक ब्लॉक !

‘नीट’ पेपर लीक पर सरकार का बड़ा कदम, टेलीग्राम पर इसलिए लगी रोक, 22 जून तक ब्लॉक !

नई दिल्ली। नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए संदेश सेवा मंच टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस फैसले के तहत देशभर में उपयोगकर्ता 22 जून तक टेलीग्राम का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही सरकार ने 30 जून तक मंच की संदेश संपादन सुविधा भी बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के पीछे पिछले कुछ समय से सरकार और टेलीग्राम के बीच चल रहा विवाद प्रमुख वजह माना जा रहा है।

संदिग्ध खातों को हटाने को लेकर बढ़ा विवाद
दस्तावेजों के अनुसार सरकार ने टेलीग्राम को निजी तौर पर फटकार लगाई थी। आरोप था कि मंच पर ऐसे खाते सक्रिय थे, जो कथित रूप से लीक हुए प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे थे, लेकिन उन्हें हटाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। दूसरी ओर टेलीग्राम ने सरकार पर बैठकों के विवरण को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते मतभेदों के बाद सरकार ने 22 जून तक देशभर में टेलीग्राम पर रोक लगाने का निर्णय लिया।

देश में 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता
 टेलीग्राम ने इस रोक को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। कंपनी का कहना है कि यह निर्णय संवैधानिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विरुद्ध है। भारत टेलीग्राम का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है, जहां इसके 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। सरकार का कहना है कि नीट परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि मई में प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका के बाद परीक्षा परिणाम निरस्त कर दिए गए थे। अब परीक्षा का आयोजन 21 जून को दोबारा किया जाना है।

संदिग्ध माध्यमों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
 सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम पर आरोप लगाया है कि उसने ऐसे कई संदिग्ध माध्यमों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जहां पैसे लेकर नीट का पूरा प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे थे। मंत्रालय के अनुसार इन माध्यमों के नाम और गतिविधि स्पष्ट रूप से संदेह के घेरे में थी, इसके बावजूद समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

दो सप्ताह तक चली बातचीत, फिर जारी हुआ आदेश
 समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार 16 जून को रोक संबंधी आदेश जारी किया गया था। इससे पहले लगभग दो सप्ताह तक मंत्रालय और टेलीग्राम के अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें और चर्चा होती रही। बाद में टेलीग्राम ने अपने जवाब में कहा कि उस पर अवैध सामग्री के खिलाफ धीमी कार्रवाई करने का आरोप लगाए जाने पर उसे आश्चर्य है। कंपनी ने दावा किया कि वह अपनी सेवाओं का उपयोग किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि के लिए नहीं होने देती और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करती है।

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