कोटा में छात्रों से रूबरू हुए राहुल गांधी, कांग्रेस के अभियान पर भाजपा का हमला, पार्टी ने बताया युवाओं की आवाज उठाने का मंच

कोटा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को राजस्थान के कोटा पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ‘छात्रों की गूंज’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आने वाले खर्च और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कार्यक्रम राजनीतिक नहीं है, बल्कि युवाओं और छात्र-छात्राओं की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास है।
 राहुल गांधी ने कहा कि इस मंच पर केवल छात्रों और युवाओं की बात होगी। कांग्रेस अब इसी अभियान को कोटा के बाद लखनऊ, पटना और दिल्ली तक ले जाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना बताया जा रहा है।

परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों पर आर्थिक बोझ
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की पांच प्रमुख परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों की जेब से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि कई मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर है। उनके अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बढ़ता खर्च लाखों परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाल रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह ने कार्यक्रम को युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए चलाया जा रहा अभियान बताया। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसे ‘नीट पर नौटंकी’ और ‘कॉमेडी सर्कस’ करार दिया।

दशहरा मैदान में जुटी छात्रों की बड़ी संख्या
कोटा के दशहरा मैदान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे। मंच पर राहुल गांधी ने नीट, यूपीएससी और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 5 छात्रों से सीधे बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने अभिभावकों और अन्य विद्यार्थियों की बातें भी सुनीं। संवाद के दौरान उन्होंने छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव, परिवारों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ, पेपर लीक की घटनाओं, बेरोजगारी और युवाओं के टूटते सपनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इन सवालों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।

रोजगार और शिक्षा को लेकर सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं और कोचिंग व्यवस्था का पूरा ढांचा केवल धन वसूली का माध्यम बनता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 1000 लोगों में से केवल 12 को ही रोजगार मिल पाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश में 100 इंजीनियरों में से 80 बेरोजगार हैं।
उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनने तथा मनपसंद विषयों में आगे बढ़ने की सलाह दी। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को केवल सीमित विकल्पों तक बांधने के बजाय उनकी पसंद और योग्यता को महत्व दिया जाना चाहिए।

पेपर लीक से प्रभावित छात्रों ने जताई उम्मीद
कार्यक्रम में शामिल हुई महक यादव ने बताया कि नीट परीक्षा में उनके 685 अंक आने की संभावना थी, लेकिन पेपर लीक की घटना के कारण पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो गई। उन्होंने कहा कि अब वह 21 जून को होने वाली परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। महक के अनुसार राहुल गांधी द्वारा पेपर लीक का मुद्दा उठाए जाने से छात्रों के बीच उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।
कोटा में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर कांग्रेस इसे छात्रों की आवाज बुलंद करने का प्रयास बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक मंचन करार दे रही है।

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