नासिक। ईदगाह मैदान में महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे 100 से अधिक आदिवासी छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से मोर्चे पर डटे हुए हैं। इनमें से 3 छात्र बीते 12 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक और नेता अभिजीत दीपके ने गुरुवार, 3 सितंबर को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की।
अनशन समाप्त करने की अपील, संघर्ष जारी रखने का आह्वान
छात्रों के गिरते स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अभिजीत दीपके ने उनसे अपनी भूख हड़ताल वापस लेने का आग्रह किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार सभी मांगें स्वीकार नहीं कर लेती, तब तक यह लड़ाई थमने नहीं चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो इस आंदोलन का दायरा बढ़ाकर मुंबई तक मार्च निकाला जाएगा और राजधानी में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
भोजन, हॉस्टल और शिक्षा में भेदभाव पर उठाए गंभीर सवाल
अभिजीत दीपके ने आदिवासी छात्रों को मिलने वाले भोजन, हॉस्टल और शैक्षणिक माहौल में हो रही भारी असमानता पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने बताया कि इन बुनियादी सुविधाओं की कमी और अनदेखी के चलते बीते 2 वर्षों के भीतर 590 आदिवासी छात्रों की जान जा चुकी है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जो खाना इन बच्चों को परोसा जाता है जो रात के 2 बजे बनकर दोपहर में खाने को मिलता है! क्या कोई मंत्री अपने बच्चों को वह भोजन खिलाने की हिम्मत करेगा?
अधिकार मांगने पर मुकदमे दर्ज करने का लगाया आरोप
सीजेपी नेता ने कहा कि एक छात्र की स्थिति बेहद नाजुक होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। यह बेहद दुखद है कि देश में बच्चों को अच्छे स्कूल, साफ-सुथरे हॉस्टल और पौष्टिक भोजन मांगने के लिए 12-12 दिनों तक भूखा रहना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन वर्गों से वोट और जमीनें तो ले लेती है, लेकिन जब ये बच्चे अपने हक और बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन पर मुकदमे दर्ज करा दिए जाते हैं।