भोपाल। चर्चित त्विशा शर्मा संदिग्ध मृत्यु मामले में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है। इसके साथ ही अदालत ने जांच एजेंसी को भी 11 अगस्त तक अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट (चार्जशीट) पेश करने का निर्देश जारी किया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
मामले में जेल में बंद सास गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह की मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराई गई। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत से अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की।
अधिवक्ता अंकुर पांडे के अनुसार, सीबीआई ने अदालत को सूचित किया कि मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और शेष बची औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए कुछ और समय चाहिए। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त तय कर दी है।
जमानत याचिका पहले ही हो चुकी है खारिज
इससे पहले 20 जुलाई को गिरिबाला सिंह ने नियमित जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे कोर्ट ने 26 जुलाई को खारिज कर दिया था। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि गिरिबाला सिंह की 100 वर्षीय वृद्ध मां की देखरेख के लिए उन्हें जमानत दी जाए, लेकिन अदालत ने इस तर्क को अमान्य कर दिया। सीबीआई ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए आशंका जताई थी कि यदि आरोपी को जमानत मिलती है, तो वह साक्ष्यों को प्रभावित या नष्ट कर सकती हैं।
12 मई को हुई थी संदिग्ध मृत्यु
गौरतलब है कि 12 मई को त्विशा शर्मा की उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। परिजनों ने सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर हत्या के आरोप लगाए थे, जिसके चार दिन बाद कटारा हिल्स थाने में दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया। शुरुआती दौर में एसआईटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। जांच एजेंसी ने फोरेंसिक और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाया है, जिनके आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है।