इंदौर के उर्मिला हत्याकांड की उलझी गुत्थी डीएनए जांच से ही सुलझेगी, ट्रैक पर धड़ मिला, सिर नहीं!

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में डाक सहायक उर्मिला सैनी की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। वारदात के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और मृतका के पति अखिलेश सैनी का शव घटना के 10वें दिन इंदौर से करीब 300 किलोमीटर दूर पवई स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पाए जाने का दावा किया जा रहा है। रविवार की अलसुबह गंजबासौदा के नजदीक मिले इस शव की स्थिति ने पुलिस और परिवार दोनों को उलझा दिया है, क्योंकि मौके से सिर्फ धड़ बरामद हुआ है और सिर गायब है। शव के पास से मिले पहचान पत्रों के आधार पर प्राथमिक रूप से इसकी शिनाख्त 45 वर्षीय अखिलेश सैनी के रूप में की गई है।

पहचान पत्र और सुसाइड नोट मिला
रेलवे ट्रैक पर मिले धड़ की जेब से पुलिस को पैन कार्ड, आधार कार्ड और एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस कथित सुसाइड नोट में अखिलेश ने अपनी अंतिम इच्छा जताते हुए लिखा है कि मेरी चिता को मुखाग्नि मेरा बेटा प्रायु ही दे। गौरतलब है कि उर्मिला सैनी की हत्या उनके घर के लिविंग रूम में बेहद बेरहमी से की गई थी, जहां आरोपी ने भारी चाकू से उनके गले, सीने और बाजू पर कई वार किए थे। पुलिस जांच में हत्या की वजह चरित्र पर शक करना सामने आई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने नए कपड़े पहने थे और वह सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 20000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

पिता ने धड़ पहचाना, बेटी का इंकार
पवई स्टेशन पर मिले धड़ की सूचना जब इंदौर पुलिस के जरिए परिजनों को दी गई, तो अखिलेश के पिता और बेटी गंजबासौदा पहुंचे। शव की हालत को देखकर परिवार में पहचान को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं। जहां एक तरफ पिता ने कपड़ों और कद-काठी के आधार पर इसे अपने बेटे अखिलेश का धड़ मान लिया है, वहीं दूसरी तरफ बेटी ने बिना सिर के शव को पहचानने से साफ इनकार कर दिया है। बेटी की इसी आपत्ति के बाद अब गंजबासौदा सिटी थाना पुलिस और इंदौर पुलिस संयुक्त रूप से इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई हैं।

असल पहचान डीएनए से होगी
इस संवेदनशील मामले में स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमॉर्टम सोमवार सुबह कराया गया। चूंकि शव का सिर अभी तक लापता है, जिसकी तलाश गंजबासौदा पुलिस सरगर्मी से कर रही है, इसलिए शत-प्रतिशत शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जाएगा। एसीपी नीति दंडोतिया के मुताबिक, शव के पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर इसे अखिलेश सैनी का ही माना जा रहा है, लेकिन वैज्ञानिक पुष्टि के लिए डीएनए जांच की औपचारिकता पूरी की जाएगी। इस जांच की रिपोर्ट आने और वहां से केस डायरी इंदौर ट्रांसफर होने के बाद ही उर्मिला मर्डर केस की इस अंतिम मिस्ट्री का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सकेगा।

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