चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त की बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को गिराने की एक सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। टीवीके के एक विधायक ने दावा किया है कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आने वाले प्रस्ताव पर उनका वोट बदलने के लिए उन्हें पूरे 35 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम का ऑफर दिया गया था।
टीवीके विधायक एन इलैयाराजा की इस शिकायत पर मुस्तैदी दिखाते हुए चेन्नई पुलिस ने एक कंसल्टेंसी फर्म के कर्मचारी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि इन आरोपियों के तार डीएमके के कद्दावर नेता सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी अशोक कुमार से जुड़े हैं। सूत्रों के अनुसार, इस पूरी साजिश का मकसद टीवीके के 15 विधायकों से एक साथ इस्तीफा दिलवाकर सूबे की सत्तासीन सरकार को धड़ाम करना था।
विधायक एन इलैयाराजा की शिकायत पर पुलिस महकमे ने तुरंत जांच की कमान संभाली। पुलिस ने शुरुआत में आईपीडीएस नामक जनमत सर्वेक्षण और परामर्श फर्म के एक कर्मचारी थिरुनावुक्करासु को दबोचा। पूछताछ के दौरान कड़ियां जुड़ती गईं और इसमें डीएमके विधायक सेंथिल बालाजी का कनेक्शन सामने आया। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो और मददगारों को अपनी कस्टडी में ले लिया, जिनसे इस वक्त सीक्रेट लोकेशन पर पूछताछ जारी है।
पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत
विधायक इलैयाराजा ने 29 जून को चेन्नई पुलिस कमिश्नर के सामने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि थिरुनावुक्करासु नाम के व्यक्ति ने खुद को इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (आईपीडीएस) का चीफ बताते हुए उनसे संपर्क किया था। उस शख्स ने दावा किया कि वह राज्य की एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के टॉप लीडर्स के इशारे पर काम कर रहा है। उसने विधायक को बताया कि जल्द ही तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर (जो टीवीके के वरिष्ठ नेता हैं) के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
ऑफर ठुकराया और चेतावनी दी
उसने इलैयाराजा से कहा कि वे सत्तारूढ़ दल का हिस्सा होने के बावजूद इस प्रस्ताव के पक्ष में सीक्रेट तरीके से वोटिंग करें। इसके बदले में उन्हें 35 करोड़ रुपये देने की बात कही गई। विधायक का कहना है कि उन्होंने इस गंदे ऑफर को तुरंत ठुकरा दिया और उसे दोबारा फोन न करने की चेतावनी दी। इसके बाद आरोपी ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी।
सेंथिल बालाजी पर साजिश रचने का आरोप
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद तमिलनाडु सरकार के मंत्री सीटी निर्मल कुमार ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस घिनौने खेल में सेंथिल बालाजी से सीधे जुड़े लोग और कुख्यात ‘करूर गैंग’ के मेंबर एक्टिव हैं। पुलिस को इन सबके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। मंत्री ने आरोप लगाया कि डीएमके और एआईएडीएमके के मुखिया एडप्पाडी के पलानीस्वामी मिलकर विजय की सरकार को उखाड़ फेंकने का ताना-बाना बुन रहे हैं। विपक्ष पिछले दरवाजे से सरकार बनाने का सपना देख रहा है। एमके स्टालिन और उदयनिधि के इशारे पर सेंथिल बालाजी जैसे नेता टीवीके के विधायकों को तोड़ने के लिए 10 करोड़, 20 करोड़ से लेकर 50 करोड़ रुपये तक की बोलियां लगा रहे हैं।
विपक्षी पार्टी डीएमके ने आरोप नकारे
दूसरी तरफ, विपक्ष में बैठी डीएमके ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। डीएमके के ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन ए सरवनन ने पलटवार करते हुए कहा कि टीवीके इस संवेदनशील जांच से जुड़ी गोपनीय बातें मीडिया में लीक करके केवल पब्लिक सेंसेशन पैदा करने की कोशिश कर रही है। उनके पास कोई ठोस फैक्ट्स नहीं हैं और वे सिर्फ एक मनगढ़ंत स्क्रिप्ट तैयार कर रहे हैं। डीएमके प्रवक्ता ने टीवीके सरकार को खुलेआम चैलेंज दिया है कि अगर उनके पास वाकई कोई पुख्ता सबूत हैं, तो वे सेंथिल बालाजी को अरेस्ट करके दिखाएं।