इंदौर। लंबे समय से प्रतीक्षित मेट्रो परियोजना का एक बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है, लेकिन यात्रियों के लिए इसकी शुरुआत अब तक नहीं हो सकी है। सुपर कॉरिडोर से रैडिसन चौराहे तक लगभग 17 किलोमीटर लंबे वायडक्ट का निर्माण पूरा हो चुका है, जिस पर करीब 5800 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद संचालन शुरू न होने से परियोजना से कोई आय नहीं हो पा रही थी, जिससे प्रबंधन के सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई।
इसी स्थिति को देखते हुए मेट्रो प्रशासन ने अब एक नया और अलग तरह का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ नाम से शुरू की जा रही इस योजना के तहत मेट्रो ट्रेन के डिब्बों और स्टेशन परिसर को निजी और व्यावसायिक आयोजनों के लिए किराए पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब मेट्रो केवल यात्रा का साधन ही नहीं रहेगी, बल्कि यह लोगों के खास पलों की मेजबानी भी करेगी।
मेट्रो के कोच में होंगे आयोजन
इस योजना के तहत जन्मदिन समारोह, किटी पार्टी, प्री-वेडिंग शूट जैसे आयोजन मेट्रो कोच में किए जा सकेंगे। इसके अलावा फिल्मों, धारावाहिकों, विज्ञापनों और फोटोशूट की शूटिंग के लिए भी अनुमति दी जाएगी। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि इन आयोजनों को इस तरह से संचालित किया जाएगा कि भविष्य में यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शुल्क की व्यवस्था भी तय कर दी गई है। यदि कोई व्यक्ति या समूह स्टेशन परिसर में खड़े मेट्रो कोच का उपयोग करना चाहता है, तो उसे 5000 रुपये प्रति घंटे का भुगतान करना होगा। वहीं, यदि आयोजन चलती मेट्रो में करना है तो इसके लिए 7000 रुपये प्रति घंटे शुल्क देना होगा। एक कोच में एक समय में अधिकतम 50 लोगों को अनुमति दी जाएगी। इससे अधिक संख्या होने पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक कोच के लिए 20 हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, जो सभी नियमों का पालन करने पर वापस कर दी जाएगी।
जश्न के लिए आवेदन की प्रक्रिया
मेट्रो का संचालन शुरू होने में देरी का मुख्य कारण उद्घाटन कार्यक्रम का टलना रहा है। मार्च महीने में इसके उद्घाटन की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन चार राज्यों में चुनाव होने के कारण प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम तारीख तय नहीं हो सकी। इसी वजह से परियोजना फिलहाल शुरू होने का इंतजार कर रही है। बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि लोग आसानी से इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इच्छुक लोगों को आयोजन से कम से कम 15 दिन पहले आवेदन करना होगा। बुकिंग ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध रहेंगे।
मेट्रो प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई पहल से न केवल खाली पड़े संसाधनों का उपयोग हो सकेगा, बल्कि संचालन शुरू होने से पहले ही कुछ हद तक आय भी प्राप्त होगी। इसके साथ ही शहर के लोगों को एक अनोखा अनुभव भी मिलेगा, जहां वे अपने खास अवसरों को एक अलग अंदाज में मना सकेंगे।