गंजबासौदा/इंदौर। 11 जुलाई को इंदौर की पोस्टल कॉलोनी के सरकारी आवास में हुई पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की नृशंस हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। वारदात के बाद से फरार चल रहे आरोपी पति अखिलेश सैनी की लाश गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर मिली है। पुलिस को पटरी पर केवल उसका धड़ मिला है, जबकि सिर गायब है। मृतक की पैंट की जेब की तलाशी लेने पर अखिलेश सोनी के नाम का आधार कार्ड और एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। अब डीएनए टेस्ट से शिनाख्त होगी!
पत्नी की हत्या के बाद से ही पुलिस को अंदेशा था कि अखिलेश कोई आत्मघाती कदम उठा सकता है, क्योंकि वारदात के बाद बच्चों को सब कुछ सौंपकर जाना इसी बात का संकेत था। इस दौरान उसे खलघाट में भी देखा गया था, जिससे उसके आत्महत्या के विचार की पुष्टि होती है। आखिरकार उसने हिम्मत जुटाकर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि अखिलेश पिछले 8 दिनों से कहां छिपा हुआ था और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई।
बिना सिर का धड़, आसपास भी सिर का पता नहीं
शहर थाना टीआई संजय वेदिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गंजबासौदा और पवई के बीच रेलवे ट्रैक के पोल नंबर 925 पर एक शव पड़े होने की सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां सिर्फ धड़ मौजूद था और सिर गायब था। पुलिस ने रेलवे ट्रैक के आसपास लगभग 6 किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अभी तक सिर का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। यह शव गंजबासौदा रेलवे स्टेशन से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर बरामद हुआ है। उर्मिला की हत्या के बाद से ही पुलिस की कई टीमें अखिलेश की तलाश में जुटी हुई थीं और उस पर घोषित इनाम की राशि को 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दिया गया था।
पत्नी की हत्या साजिश से की
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 11 जुलाई को हुई थी, जब दोपहर के समय उर्मिला सैनी का खून से लथपथ शव उनके घर में मिला था। वारदात का पता तब चला जब उनके दोनों बच्चे स्कूल से वापस लौटे। घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था और भीतर टेलीविजन की आवाज बहुत तेज थी। अंदर जाने पर बच्चों ने अपनी मां को मृत अवस्था में देखा, जिसके बाद उन्होंने अपने नाना सत्यनारायण मालाकार को फोन किया। बच्चों की रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी भी जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। बेटी प्रेक्षा ने पुलिस को दिए बयानों में बताया था कि उसका पिता लंबे समय से मां पर शक करता था और पहले भी उनका गला दबाने का प्रयास कर चुका था।
जांच में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली
पुलिस की तफ्तीश में इस हत्याकांड को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे साफ होता है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। अखिलेश ने उर्मिला पर हमला करने से पहले टेलीविजन की आवाज को 100 वॉल्यूम पर सेट कर दिया था, ताकि चीखें बाहर न जा सकें। हत्या करने के बाद आरोपी ने खून से सने कपड़े पास के एक चेंबर में फेंक दिए, नहाकर साफ कपड़े पहने और बकायदा बालों में तेल लगाकर तिलक भी लगाया। इसके बाद वह बच्चों के स्कूल पहुंचा, जहां उसने बेटी को मां का नेकलेस, घर की चाबी और एटीएम कार्ड सौंपा। उसने बेटी को एटीएम का पासवर्ड भी बताया और छुट्टी के बाद सीधे मौसी के घर जाने को कहकर अपनी स्कूटर वहीं छोड़ दी और फरार हो गया। आरोपी ने भागने के लिए भी पूरी प्लानिंग की थी। वह रेलवे स्टेशन और सरवटे बस स्टैंड के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में दिखाई दिया था, लेकिन उसके बाद वह जानबूझकर उन रास्तों से निकला जहां कैमरे नहीं लगे थे।