मध्य प्रदेश के 7 राज्य पुलिस अधिकारियों को आईपीएस कैडर आवंटित!

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नति मिल गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2025 की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की सिफारिशों के आधार पर अधिसूचना जारी कर दी है। उत्कृष्ट सेवा और कार्य प्रदर्शन के आधार पर इन अधिकारियों को राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत किया गया है, जिसे सामान्य तौर पर आईपीएस अवॉर्ड भी कहा जाता है।
जारी अधिसूचना के अनुसार निमिषा पांडे, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर सहित कुल सात अधिकारियों को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद एक वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त किया गया है। सभी अधिकारियों को मध्य प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है। प्रोबेशन अवधि के दौरान उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (प्रोबेशन) नियम, 1954 के तहत इंडक्शन प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

7 अधिकारियों को पदोन्नति योग्य माना गया
राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस पदोन्नति के लिए इस बार कुल 9 पद निर्धारित किए गए थे। 25 जून को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राज्य सरकार के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया। मूल्यांकन के बाद केवल 7 अधिकारियों को पदोन्नति के योग्य माना गया, जबकि 2 पदों के लिए कोई उपयुक्त अधिकारी नहीं मिला। यह पदोन्नति भारतीय पुलिस सेवा (भर्ती) नियम, 1954 तथा भारतीय पुलिस सेवा (पदोन्नति द्वारा नियुक्ति) विनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत की गई है।

इन्हें दिया जाता है आईपीएस अवॉर्ड
आईपीएस अवॉर्ड राज्य पुलिस सेवा के उन अधिकारियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कार्यकाल में उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासित सेवा और बेहतर उपलब्धियां दर्ज की हों। इस पदोन्नति के बाद संबंधित अधिकारी भारतीय पुलिस सेवा का हिस्सा बन जाते हैं और उन्हें आईपीएस कैडर का दर्जा प्राप्त होता है। राज्य पुलिस सेवा के किसी भी अधिकारी के लिए यह पदोन्नति सेवा जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में मानी जाती है।

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