सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: “तुम इस कुर्सी के लायक नहीं” — इंदौर के चंदन नगर टीआई पर गंभीर टिप्पणी

By News Point MP
Edited By: Poonam Tiwari

सुप्रीम कोर्ट में इंदौर पुलिस की बड़ी करतूत उजागर हो गई। एक साल में दर्ज 165 केसों में दो लोगों को ‘पाकेट गवाह’ बनाया गया। इस पर न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने थाना प्रभारी (टीआई) इंद्रमणि पटेल को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि ‘तुम दुर्भाग्य से उस कुर्सी पर बैठे हो, तुम्हें वहां नहीं होना चाहिए। यह हमारी आत्मा की पीड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट से इंदौर पुलिस को फटकार

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: “तुम इस कुर्सी के लायक नहीं” इंदौर के चंदन नगर टीआई पर गंभीर टिप्पणी!

नई दिल्ली/इंदौर। इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए चंदन नगर थाने के टीआई इंद्रमणि पटेल को कड़ी फटकार लगाई। एक साल में दर्ज 165 मामलों में सिर्फ दो ही लोगों को बार-बार गवाह बनाने पर न्यायालय ने नाराजगी जताई और कहा

“तुम दुर्भाग्य से उस कुर्सी पर बैठे हो… तुम्हें वहाँ नहीं होना चाहिए। यह हमारी आत्मा की पीड़ा है।”

कोर्ट रूम में यह टिप्पणी सुनते ही पूरा माहौल सन्न रह गया। सिर झुकाए खड़े टीआई पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों ने सभी को चौंका दिया।

कैसे खुला पूरा मामला?

यह पूरा मामला तब सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट में चंदूवाला रोड निवासी अनवर हुसैन की याचिका पर सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान टीआई द्वारा गलत जानकारी देने का मुद्दा उठा।

कोर्ट में मौजूद कानून के छात्र असद अली वारसी ने सबसे बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि:

23 अक्टूबर 2023 से 23 अक्टूबर 2024 के बीच दर्ज 165 केसों में

दो ही व्यक्तियों- सलमान कुरैशी और आमिर रंगरेज—को हर बार गवाह बनाया गया

बताया गया कि इन्हें लगभग हर आपराधिक केस में गवाह के तौर पर पेश किया जा रहा था, चाहे मामला किसी भी तरह का हो।

कोर्ट का तीखा सवाल क्या ये दोनों 24 घंटे आपके साथ रहते हैं?

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानतुल्लाह ने नाराजगी जताते हुए तीखे सवाल पूछे

ये दोनों गवाह 24 घंटे क्या आपके साथ ही रहते हैं?
क्या इनकी थाने के सामने दुकान है?
हर वारदात पर यही दो लोग कैसे मौजूद होते हैं?

न्यायमूर्ति ने कहा कि
ऐसा लगता है जैसे थाने में फर्जी गवाह बनाने की फैक्ट्री चल रही हो।
उन्होंने टीआई से कहा कि:

आप लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं। पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए होती है, न कि गलत मामलों में फँसाने के लिए।

कोर्ट ने साफ कहा कि सिर झुका लेने से कोई फायदा नहीं लोग आपको आतंक समझते हैं, शरीफ नहीं।

किन मामलों में बनाए गए थे दो गवाह?

सुप्रीम कोर्ट में दी गई सूची के अनुसार: शराब तस्करी, अवैध हथियार,जुआ, रासुका, अन्य आपराधिक मामले

इन सभी में गवाह के रूप में उसी क्षेत्र के
सलमान पिता जुल्फिकार कुरैशी, निवासी नाला पार, चंदन नगर
और
आमिर पिता उस्मान रंगरेज, निवासी आमवाला रोड, चंदन नगर
के नाम बार-बार दर्ज किए गए थे।

कई मामलों में दोनों एक साथ गवाह के रूप में मौजूद थे, जो गंभीर संदेह पैदा करता है।

अब जांच में उतरे अधिकारी

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब जोन-4 के डीसीपी आनंद कलादगी पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं। सभी 165 मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है कि गवाहों का चयन कैसे और किन परिस्थितियों में हुआ।

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