पशु चिकित्सक ने बताया इसका क्या कारण, किसकी लापरवाही बनी पक्षियों की मौत का कारण
बड़वाह। खरगोन जिले के बड़वाह क्षेत्र में नावघाट खेड़ी के समीप 250 से अधिक तोते, कबूतर और गौरेया मृत मिले। पशु चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम कर फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई। पूर्व वाइल्डलाइफ वार्डन टोनी शर्मा के मुताबिक, नावघाट खेड़ी के समीप एक्वा डक्ट पुल के नीचे सोमवार को करीब 25 तोते मृत पड़े मिले थे, जिनकी संख्या शुरुआत में 80 तक लग रही थी। बाद में अन्य पक्षियों के साथ यह 250 से ज्यादा हो गई।
बुधवार और गुरुवार को यह संख्या 250 से अधिक हो गई। तोतों के अलावा कबूतर और डायमंड डव और गौरैया भी मृत मिली। यहां तक कि कुछ पक्षी तो पेड़ पर मृत लटके हुए भी पाए गए। मृत तोतों का सैंपल लेकर उन्होंने पशु चिकित्सकों को सौंपा। इसके अलावा क्षेत्रीय रेंजर को भी घटना की सूचना दी गई।
तोतों के शवों के पोस्टमार्टम के बाद पशु चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि इनकी मौत बर्ड फ्लू से नहीं, बल्कि ‘फूड पॉइजनिंग’ (विषाक्त भोजन) और गलत खान-पान के कारण हुई है। पशु चिकित्सक मनीषा चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान मृत तोतों में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण मिले। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कई बार लोग पक्षियों को खाने में ऐसी चीजें डाल देते हैं जो उनके पाचन तंत्र के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। इसके अलावा, पक्षी अक्सर खेतों में कीटनाशक छिड़काव के बाद वहां से दाना चुग लेते हैं, जो जानलेवा साबित होता है।
पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉ सुरेश बघेल ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान तोतों के पेट में चावल और छोटे पत्थरों, कंकड़ के अंश मिले हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से खाने में गड़बड़ी का है। इनमें बर्ड फ्लू जैसे कोई लक्षण नहीं पाए गए।

कुछ तोते, तड़पते हुए मिले
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट टोनी शर्मा ने बताया कि पिछले 48 घंटों में पुल के पास करीब 80 तोते मृत मिले हैं, जो बेहद चिंताजनक है। रेस्क्यू के दौरान कुछ तोते जिंदा भी मिले। लेकिन, फूड पॉइजनिंग का असर इतना गहरा था कि कुछ ही देर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। टोनी शर्मा ने आशंका जताई कि पुल पर आने वाले लोगों द्वारा अनजाने में डाला गया गलत भोजन इसका कारण बना है।
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने आम जनता से अपील की है। उन्होंने कहा है कि पक्षियों को सेवा भाव से दाना जरूर डालें, लेकिन उन्हें केवल अन्न के कच्चे दाने जैसे ज्वार, बाजरा, गेहूं ही दें। पका हुआ खाद्य पदार्थ, मसालेदार भोजन या बचा हुआ खाना पक्षियों को न डालें। क्योंकि, यह उनके लिए जहर समान हो सकता है। यह आशंका भी जताई गई कि तोते और अन्य पक्षी फलों के बगीचों को नुकसान पहुंचाते हैं, संभव है कि इसलिए किसी ने उन्हें जहर मिला खाना दिया है।
Parrots death in Barwah, bird deaths MP, food poisoning birds, Barwah wildlife news, parrot mortality case, MP bird news