परेशान किसान घुटनों के बल आईजी कार्यालय पहुंचा, न्याय की गुहार को माला बनाकर पहनना पड़ा

पुलिस की कथित प्रताड़ना से तंग आकर आईजी के पास गुहार लगाने को मजबूर हुआ

उज्जैन। शाजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले एक किसान की पीड़ा उस समय सार्वजनिक हो गई, जब वह पुलिस की कथित प्रताड़ना से तंग आकर उज्जैन स्थित आईजी कार्यालय के बाहर घुटनों के बल शिकायत करने पहुंचा। किसान ने अपनी लिखित शिकायतों की माला बनाकर गले में डाली और न्याय की गुहार लगाई। यह दृश्य प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता नजर आया।

पीड़ित किसान दिनेश सिंह, निवासी ग्राम मुबारिकपुर (चिराटिया), पोलायकलां तहसील, जिला शाजापुर ने बताया कि वह खेती के साथ-साथ ड्राइवरी कर अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और छोटे बच्चों का भरण-पोषण करता है। परिवार का वह एकमात्र सहारा है। दिनेश ने बताया कि वह फायनेंस पर लिए गए ट्रैक्टरों को छोड़ने का कार्य भी करता है।

 दिनेश के अनुसार, रोहित कीर नामक युवक की तलाश के दौरान थाना अवंतीपुर बड़ोदिया के थाना प्रभारी घनश्याम बैरागी तथा आरक्षक रवि, कमलेश और राजेश जाट द्वारा उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया।

 किसान का कहना है कि उसने कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः मजबूर होकर वह उज्जैन आईजी कार्यालय पहुंचा। दिनेश ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि उसके परिवार को भय और बर्बादी के माहौल से राहत मिल सके।

जबरन फंसाने और ₹1 लाख वसूलने का आरोप

दिनेश ने बताया कि मुझे अवंतिपुर बड़ोदिया के थाना प्रभारी घनश्याम बैरागी व उनकी टीम के कुछ लोगों की मिलीभगत से ट्रैक्टर फाइनेंस के एक केस मे जबर्दस्ती फंसाया जा रहा है। 8 दिसंबर को मैंने शाजापुर एसपी को आवेदन दिया था। 9 दिसंबर को आईजी दफ्तर उज्जैन में परिवार के साथ आकर आवेदन दिया। सुनवाई नहीं होने पर 17 दिसंबर को घुटने के बल फिर आया हूं। बीते 30 जुलाई को पुलिस ने मुझे उठाकर कई घंटे थाने में बैठाया और 1 लाख रुपए की वसूली कर छोड़ा। 11 नवंबर को भी पुलिस ने मुझे उठाया और मुझे और मेरे परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।

 इस मामले में अवंतिपुर बड़ोदिया थाना प्रभारी घनश्याम बैरागी ने बताया कि यह 2 माह पहले का मामला है। आष्टा के रहने वाले मोहन लाल ने नया ट्रैक्टर खरीदा था। ट्रैक्टर चलाने के लिए अवंतिपुर बड़ोदिया थाना क्षेत्र के युवक रोहित कीर को दिया। सितंबर में मोहन लाल ने अवंतिपुर बड़ोदिया थाने पर आकर शिकायत दर्ज करवाई कि मेरा ट्रैक्टर गायब है, वह आपके थाना क्षेत्र के रोहित कीर को चलाने के लिए दिया था।

ट्रैक्टर गायब करने में हाथ
थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने मोहनलाल की शिकायत पर रोहित कीर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच व तलाश शुरू की। रोहित फरार था। पुलिस को सूचना मिली कि रोहित के बारे में दिनेश कीर को पूरी जानकारी है। हमने दिनेश कीर को ढूंढा और उससे पूछताछ की तो पता चला पता चला कि ट्रैक्टर शिवपुरी निवासी मोड़ सिंह गुर्जर के पास है। ट्रैक्टर की जब्ती के साथ ही बीती रात 16 दिसंबर को मुख्य आरोपी रोहित कीर को भी उठा लिया।


पूछताछ में हमें रोहित से पता चला है कि दिनेश की भी ट्रैक्टर को गायब करने में मुख्य भूमिका रही है। वह इस केस से बचने के लिए आवेदन की माला डालकर घुटनों के बल चलता हुआ आईजी कार्यालय पहुंच गया। रोहित से पूछताछ जारी है जैसे ही पुष्टि होगी, दिनेश के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

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