बांग्लादेश एक बार फिर कट्टरपंथी हिंसा की आग में झुलस रहा है। ताज़ा घटना में कट्टर भीड़ ने एक हिंदू युवक पर बर्बर हमला किया। आरोपी भीड़ ने युवक को पहले बेरहमी से पीटा, फिर उसे पेड़ से लटका दिया और “अल्लाह-हू-अकबर” के नारे लगाते हुए जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया। इस हैवानियत ने पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है।
अब तक इस दिल दहला देने वाली घटना पर बांग्लादेश सरकार या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
यह हिंसा भारत-विरोधी और हसीना-विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की है। हादी की मौत के बाद कट्टरपंथी समूह सड़कों पर उतर आए हैं और कई इलाकों में जमकर तोड़फोड़, आगजनी और उपद्रव कर रहे हैं।
इधर, भारत सरकार ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बांग्लादेश से कड़े शब्दों में चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए ढाका से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय हिंदू समुदाय में दहशत का माहौल है और कई इलाकों में तनाव बना हुआ है।
स्थिति लगातार बिगड़ रही है और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना भी तेज है।
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