गोकुल डेयरी विवाद पर राहुल गांधी का BJP से सवाल, 13 सीटें जीतने के बाद भी क्यों फंसा पेंच?

गोकुल डेयरी विवाद पर राहुल गांधी का BJP से सवाल, 13 सीटें जीतने के बाद भी क्यों फंसा पेंच?

मुंबई:  महाराष्ट्र की गोकुल डेयरी के चुनाव परिणाम के बाद अब अध्यक्ष पद को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ के चुनाव में कांग्रेस समर्थित सतेज पाटिल के पैनल ने 25 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा और सहयोगी दलों के समर्थन वाले महायुति पैनल को 12 सीटें मिलीं। एक सीट की बढ़त के बावजूद अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका। अब इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने सहकारी कानून में बदलाव को लेकर भाजपा से सवाल किए हैं।
 
13 सीटें जीतने के बाद भी नहीं चुना जा सका अध्यक्ष
गोकुल डेयरी के 25 निदेशक पदों के लिए 19 अक्टूबर को मतदान हुआ था। सतेज पाटिल के नेतृत्व वाले राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी पैनल ने 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। वहीं महायुति समर्थित पैनल को 12 सीटें मिलीं।
इसके बाद 29 अक्टूबर को अध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक बुलाई गई। लेकिन महायुति के सभी 12 निदेशक बैठक में शामिल नहीं हुए। नियमों के मुताबिक अध्यक्ष के चुनाव के लिए कम से कम 14 निदेशकों की मौजूदगी जरूरी थी। ऐसे में 13 निदेशकों की उपस्थिति के कारण चुनाव नहीं हो पाया।
 
राहुल गांधी ने उठाया सहकारी संस्थाओं के अधिकारों का सवाल
इस पूरे घटनाक्रम पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि दूध उत्पादकों ने चुनाव में अपना फैसला सुना दिया, लेकिन अब सहकारी कानून में बदलाव के जरिए सत्ता का गणित बदलने की कोशिश हो रही है।
राहुल गांधी ने चार अतिरिक्त निदेशकों को मतदान का अधिकार दिए जाने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस तरह चुनाव में मिले जनादेश का महत्व प्रभावित हो सकता है।
 
सरकारी निदेशकों की नियुक्ति से बदल सकता है गणित
महाराष्ट्र कैबिनेट ने 4 नवंबर को सहकारी कानून में बदलाव को मंजूरी दी। इसके तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक सालाना कारोबार और सरकारी आर्थिक सहायता पाने वाली सहकारी संस्थाओं में सरकारी नामित निदेशकों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। इनमें चार निदेशकों को मतदान का अधिकार मिलेगा।
विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से गोकुल डेयरी में 13-12 का मौजूदा समीकरण बदल सकता है। वहीं सरकार का तर्क है कि बड़े सहकारी संस्थानों का कामकाज बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
 
10 नवंबर को फिर होगा अध्यक्ष पद का चुनाव
इस विवाद के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर पीठ ने 10 नवंबर को दोबारा अध्यक्ष पद का चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। सतेज पाटिल ने भी सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती देने की बात कही है।
अब सबकी नजर 10 नवंबर की बैठक पर है। देखना होगा कि 13 सीटें जीतने वाले पैनल को अध्यक्ष पद मिलता है या नए कानूनी बदलाव से गोकुल डेयरी का पूरा सियासी समीकरण बदल जाता है।

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