भूख हड़ताल के 21वें दिन पुलिस सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई पुलिस!

भूख हड़ताल के 21वें दिन पुलिस सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई पुलिस!

पुलिस बोली, अदालत के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार कदम उठाया

नई दिल्ली। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन शनिवार सुबह सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई। कार्रवाई के दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। यह पहला अवसर है, जब इस प्रदर्शन के दौरान अदालत ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए सरकार को वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए थे।
धरना स्थल पर मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि शनिवार सुबह वह कुछ देर के लिए जंतर-मंतर से बाहर गए थे। उनके अनुसार, जब वह सुबह करीब 7 बजे फ्रेश होने के लिए निकले, उसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और सोनम वांगचुक को वहां से ले गई। दीपके का कहना है कि भूख हड़ताल पर बैठे 60 वर्षीय वांगचुक को जबरन हटाया गया। उन्होंने बताया कि जब वह अपने मित्र के घर से वापस जंतर-मंतर लौट रहे थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि पुलिस वांगचुक को अपने साथ ले गई है।

सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया
घटना के बाद नई दिल्ली जिले के डीसीपी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के अनुसार सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है।

थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी के हालात बने
दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में यह भी कहा कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से पूरी की। पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना स्थल खाली कर दें।

स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने के निर्देश
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में दिल्ली हाई कोर्ट का वह आदेश है, जिसमें सरकार को सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि उनकी तबीयत गंभीर होती है तो डॉक्टरों की सलाह के आधार पर उन्हें अस्पताल ले जाने सहित आवश्यक चिकित्सकीय कदम उठाए जा सकते हैं।

गंभीर होने से पहले वांगचुक की चिकित्सा सुनिश्चित हो
दिल्ली हाई कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मांग की गई थी कि वांगचुक की स्थिति गंभीर होने से पहले उनकी चिकित्सा सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें जबरन भोजन दिए जाने जैसे उपायों पर भी विचार किया जाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय के आधार पर उचित निर्णय लें और उनकी जान की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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