वीआईपी ड्यूटी बजाती रहीं एंबुलेंस, सांची के पत्रकार को 3 घंटे इलाज नहीं मिला, मौत हुई!

घायल पत्रकार ने तीन घंटे इंतजार के बाद दम तोड़ा, व्यवस्था की पोल खुली!

रायसेन। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल पत्रकार दीपक सोनी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होने से समय पर नहीं मिली, इस कारण इलाज देर से शुरू हुआ। घटना के अनुसार सांची रोड पर हुए सड़क हादसे ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पोल खोल दी। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल पत्रकार दीपक सोनी ने शनिवार शाम इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश है, उन्होंने समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न होने को मौत का कारण बताया।
सांची के पत्रकार दीपक सोनी सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे। हादसे के तुरंत बाद उन्हें रायसेन जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भोपाल रेफर कर दिया। लेकिन, यहीं से लापरवाही शुरू हुई। परिजनों का आरोप है कि करीब 2 से 3 घंटे तक अस्पताल परिसर में एंबुलेंस का इंतजार किया। लेकिन, कोई भी वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। स्थिति बिगड़ती देख परिजन मजबूरन निजी वाहन से उन्हें भोपाल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इन वीआईपी की सेवा में थी एम्बुलेंस
घटना के समय शनिवार को रायसेन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का दौरा था। जिसके चलते प्रशासनिक अमले के साथ एंबुलेंस सेवाएं भी वीआईपी ड्यूटी में लगी थीं। इस कारण जिला अस्पताल की सभी एंबुलेंस उस कार्यक्रम की ड्यूटी में लगाई गई थीं। यही वजह रही कि गंभीर रूप से घायल मरीज को भी समय पर भोपाल रेफर नहीं किया जा सका। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ यशपाल बालियान ने स्वीकार किया कि सभी एंबुलेंस वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त थीं और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था संभव नहीं हो पाई।

परिजनों में भारी आक्रोश
घटना के बाद परिजनों ने नाराजगी जताते हुए इसे घोर लापरवाही करार दिया। उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद दीपक सोनी की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से शिकायत कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Leave a Comment