ऑडिट के दौरान सुरक्षा बल की कमी और निगरानी तंत्र की कमजोरी का आकलन होगा
भोपाल। प्रदेश में एक माह के भीतर कैदियों के जेल से भागने की दो घटनाएं सामने आने के बाद सभी सेंट्रल, जिला और सर्किल जेलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जा रहा। हाल ही में सिवनी जिला जेल से तीन कैदी फरार हुए। इससे पहले दिसंबर में उज्जैन की खाचरोद उपजेल से भी तीन कैदी भाग गए थे। सभी छह कैदी हत्या या दुष्कर्म जैसे मामलों में जेल में बंद थे।

योजना तैयार कर राज्य शासन को प्रस्ताव भेजेंगे
ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने सभी जेल अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं। ऑडिट के दौरान यह आकलन किया जा रहा है कि बल की कितनी कमी है, निगरानी तंत्र कमजोर होने के क्या कारण हैं और सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त उपलब्धता है या नहीं। ऑडिट के बाद सभी जेलों में व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के लिए एक संयुक्त योजना तैयार कर राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
पर्याप्त व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
इसमें यह भी देखा जा रहा है कि दीवारों की ऊंचाई बढ़ाने की आवश्यकता है या नहीं, दीवारों के ऊपर लगी तार फेंसिंग की स्थिति क्या है और कहीं ऐसी जगह तो नहीं, जहां से सहारा लेकर कैदी भाग सकते हों। साथ ही खतरनाक कैदियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है।
गणतंत्र दिवस पर 87 कैदी रिहा होंगे
गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद आजीवन कारावास से दंडित 87 कैदियों को रिहाई दी जाएगी। इसके लिए विभिन्न जेलों से कुल 481 कैदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 394 को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र पाया गया।