‘रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व’ के बीच से निकलेगी NHAI की जबलपुर-दमोह फोरलेन

मध्यप्रदेश | 05 दिसंबर 2025 | NEWSPOINTMP

101 किलोमीटर लंबी और लगभग 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा रही

जबलपुर। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े रानी दुर्गावती अभयारण्य टाइगर रिजर्व पर एक गंभीर पर्यावरणीय संकट मंडराने लगा है। जबलपुर-दमोह फोरलेन परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रस्तावित सड़क सीधे टाइगर रिजर्व और उससे जुड़े घने वन क्षेत्रों को चीरती हुई निकलेगी।

इस परियोजना के कारण एक हजार से अधिक पेड़ों की कटाई की आशंका जताई जा रही है, जिससे वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास, जैव विविधता और पारिस्थितिकी संतुलन पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। प्रस्तावित फोरलेन सड़क करीब 101 किलोमीटर लंबी और लगभग 30 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है।

इसमें से करीब 15 किलोमीटर हिस्सा वन क्षेत्र के भीतर से गुजरने वाला है। यह मार्ग जबेरा से कटंगी के बीच संग्रामपुर के घने जंगलों को काटते हुए निकलेगा। जानकारी के अनुसार, रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व का लगभग 6 किलोमीटर कोर एरिया और करीब 8 किलोमीटर अन्य आरक्षित वन क्षेत्र इस परियोजना की जद में आएगा।

परियोजना के तहत संग्रामपुर, नोहटा और हथिनी से जुड़े वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्ष कटान की संभावना है। पर्यावरणविदों और वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि इस क्षेत्र में बाघ, तेंदुआ, भालू सहित कई दुर्लभ प्रजातियों का आवास है।

सड़क निर्माण से वन्यजीवों की आवाजाही बाधित होगी और मानव और वन्यजीव संघर्ष बढ़ने का खतरा भी रहेगा। स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। पर्यावरण संगठनों ने मांग की है कि सड़क का वैकल्पिक मार्ग तलाशा जाए, ताकि टाइगर रिजर्व और वन संपदा को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

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