1. अनुपूरक बजट के बाद सरकार फिर लेगी ₹3,000 करोड़ का कर्ज
मध्यप्रदेश सरकार फिर कर्ज लेने की तैयारी में,
चालू वित्त वर्ष में ₹50 हजार करोड़ का कर्ज – विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करने के बाद सरकार फिर ₹3 000 करोड़ का कर्ज लेगी भोपाल।
मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज लेकर मनमाना खर्च कर रही है।
इस बार फिर एक-एक हजार करोड़ के तीन लोन अर्थात ₹3000 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है।
आपको पता है , अब ये कर्ज भाजपा सरकार रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया से ले रही है,
जिससे चालू वित्त वर्ष में ही प्रदेश सरकार का कर्ज ₹50 हजार करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
प्रदेश सरकार दूसरा अनुपूरक बजट लेकर आ रही है। इससे सरकार पर कर्ज का बोझ और भी ज्यादा बढ़ेगा।
2. आखिर इतना कर्ज क्यों ले रही है सरकार?
प्रदेश सरकार ने 12 नवंबर को ₹4000 करोड़ का कर्ज लिया। अब फिर ₹3000 करोड़ का कर्ज लेने वाली है। वित्त विभाग के नोटिफिकेशन के अनुसार लिया जाने वाला ₹3००० करोड़ का नया कर्ज तीन किश्तों में लिया जाएगा।
3. इस साल अब तक कितने-कितने कर्ज लिए गए?
अब तक भाजपा सरकार के द्वारा लिए गए कर्ज को चुकाने की समय सीमा क्रमशः 8 साल, 13 साल और 23 साल तय की गई है।
इतना कर्ज क्यों ले रही मोहन सरकार विपक्ष के सवाल उठाने पर सरकार का कहना है कि कई योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों को पूरा करने के लिए यह कर्ज लेना जरूरी है।
सरकार ने इस बार भी विकास कार्यों का हवाला देते हुए ही ३००० हजार करोड़ का कर्ज लेने की बात कही है।
4. इस कर्ज को चुकाने में लगेंगे कई साल
बरसों लग जाएंगे यह कर्ज चुकाने में मध्य प्रदेश सरकार ने 4 जून में ₹4500 करोड़ लोन लिया था। पहला लोन 16 साल के लिए ₹2000 करोड़ का और दूसरा 18 साल के लिए ₹2500 करोड़ का लिया था।
8 जुलाई को फिर सरकार ने ₹4800 करोड़ का दो किश्तों में कर्ज लिया था। 16 साल के लिए ₹2500 करोड़ का कर्ज और 18 साल के लिए ₹2300 करोड़ का कर्ज लिया था।
सरकार ने 30 जुलाई को ₹4300 करोड़ के दो कर्ज लिए थे। ये दोनों कर्ज 17 और 23 साल के लिए गए थे। इसके बाद सरकार ने 5 अगस्त को ₹500 करोड़ 3 हिस्सों में लिए।
पहला कर्ज 1600 करोड़ 18 साल के लिए, दूसरा कर्ज 1400 करोड़ 20 साल के लिए और तीसरा कर्ज 1000 करोड़ 23 साल के लिए लिया गया। फिर सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में लिए कर्जों को चुकाने की समय सीमा 16 से 23 साल तक रखी गई, जिसमें सरकार को ब्याज के साथ मूल धन चुकानी पड़ेगा।
5. सरकार का दावा: हमारी आमदनी अच्छी है
अपनी आमदनी को लेकर प्रदेश सरकार ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में सरकार को ₹12 हजार करोड़ से ज्यादा का सरप्लस रेवेन्यू मिला, जिससे सरकार की आमदनी ₹2 लाख 34 हजार करोड़ से ज्यादा रही। जबकि, सरकार का खर्च ₹2 लाख 21 हजार 538 करोड़ रहा।
6. लोगों के बीच उठ रहे सवाल
जबकि, पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने अपनी आमदनी ₹2 लाख 62 हजार करोड़ और खर्च ₹2 लाख 60 हजार 983 करोड़ बताया। लगभग 1 हजार करोड़ सरप्लस बताया, इस कारण सरकार की कर्ज लेने की सीमा बरकरार बताई जा रही है।
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