2028 में कांग्रेस आई तो यूसीसी वापस लेंगे, उमंग सिंघार का ऐलान, भाजपा बोली यह तुष्टिकरण की राजनीति

भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव का नया मुद्दा बन गई है। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने रविवार को ऐलान किया कि 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में लौटी तो प्रदेश में यूसीसी को वापस लिया जाएगा।
भोपाल में कांग्रेस के कार्यक्रम में सिंघार ने कहा कि कांग्रेस किसी भी धर्म में सरकार के हस्तक्षेप के खिलाफ है। उनका आरोप है कि यूसीसी के प्रावधान मुस्लिम धर्म की मान्यताओं में हस्तक्षेप करते हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर पार्टी इस कानून को समाप्त करेगी। विधानसभा ने इसी साल जुलाई में कांग्रेस विधायकों के विरोध के बीच यूसीसी विधेयक पारित किया था। अब यह राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया है। ऐसे में कांग्रेस का यह ऐलान भाजपा सरकार के प्रमुख विधायी फैसले को सीधे चुनौती माना जा रहा है।

भाजपा ने कांग्रेस के रुख पर पलटवार किया
नवनिर्वाचित भाजपा राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल ने कहा कि यूसीसी महिलाओं को समान अधिकार देकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाला कानून है। उन्होंने कांग्रेस के वादे को तुष्टिकरण की राजनीति करार देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी और महिलाओं के हितों की अनदेखी की।
यूसीसी को लेकर दोनों दलों के तर्क अलग हैं। कांग्रेस इसे धार्मिक स्वतंत्रता और निजी धार्मिक मामलों में सरकारी दखल से जोड़ रही है, जबकि भाजपा इसे समान अधिकार और महिला सशक्तिकरण का मुद्दा बता रही है।

यह चुनावी मुद्दा बनेगा
उमंग सिंघार के ऐलान के बाद साफ है कि यूसीसी 2028 के विधानसभा चुनाव में भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। भाजपा इसे अपने वैचारिक एजेंडे और महिला अधिकारों से जोड़कर आगे बढ़ाएगी, वहीं कांग्रेस इसके विरोध को धार्मिक स्वतंत्रता के सवाल के रूप में जनता के बीच ले जाने की कोशिश करेगी।

Leave a Comment