10 दिन बाद लोहागढ़ किले पर दोहराया गया केतन मर्डर सीन, सिया गोयल साजिश की परतें खोली !

पुणे। महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में रविवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। पुणे ग्रामीण पुलिस हत्या की मुख्य आरोपी सिया गोयल को घटना के 10 दिन बाद लोनावला स्थित लोहागढ़ किले पर लेकर पहुंची। जहां पूरी वारदात को घटनास्थल पर दोहराया गया। इस दौरान पुलिस ने मृतक केतन अग्रवाल के वजन के बराबर फाइबर की डमी का उपयोग कर घटना की प्रत्येक कड़ी को समझा। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर हत्या की योजना और उसके क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी भी दी।
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल की न्यायिक रिमांड 29 जून को समाप्त हो रही है। उसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी का कहना है कि सात दिन की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने पूछताछ में सहयोग किया है। जांच के तहत रविवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस टीम सिया गोयल को लेकर लोहागढ़ किले पहुंची। जिस स्थान से केतन अग्रवाल के गिरने की बात सामने आई थी, वहीं पूरी घटना को दोहराया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर डमी का इस्तेमाल कर यह समझने का प्रयास किया कि वारदात किस प्रकार अंजाम दी गई। इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया।

साजिश को दुर्घटना बताने की कोशिश
पुलिस का दावा है कि 18 जून को लोहागढ़ किले की एक ऊंची चट्टान से गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी पर पहले से हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि दोनों ने मिलकर ऐसी योजना बनाई, जिससे घटना दुर्घटना जैसी दिखाई दे।

जूते के फीते बांधना संकेत
जांच अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ और घटना को दोहराने के दौरान सिया गोयल ने बताया कि योजना के अनुसार उसे चट्टान के पास पहुंचकर जूते के फीते बांधने का बहाना करना था। जैसे ही वह झुकती, यह चेतन चौधरी के लिए संकेत होता। आरोप है कि इसी इशारे के बाद चेतन ने पीछे से आकर केतन अग्रवाल को जोरदार धक्का दिया, जिससे वह संतुलन खोकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर आरोपी द्वारा बताए गए घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया गया है। जांच एजेंसी इसे अन्य साक्ष्यों के साथ अदालत में प्रस्तुत करेगी। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों की भी जांच जारी है।

शादी नहीं रोकी, रास्ते से हटाया
पूछताछ में सामने आए कथित बयान के अनुसार, सिया गोयल ने कहा कि उसकी शादी नवंबर में केतन अग्रवाल से तय थी, लेकिन वह यह विवाह नहीं करना चाहती थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, उसने परिवार को शादी तोड़ने की बात बताने के बजाय केतन को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया। हालांकि, इस कथित स्वीकारोक्ति की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
मामले में पुलिस अब सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की भूमिका के साथ-साथ दोनों के आपसी संबंध, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा तथा परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साजिश से जुड़े प्रत्येक पहलू की पड़ताल की जा रही है और जांच अभी जारी है।

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