हनीट्रैप मामले में जब्त मोबाइल, स्पाई कैमरे और डिजिटल सबूतों पर सस्पेंस बरकरार!

इंदौर। चर्चित हनी ट्रैप मामले में जांच फिलहाल ब्लैकमेलिंग और रंगदारी के आरोपों तक सीमित दिखाई दे रही है। मामले में बरामद मोबाइल, एसडी कार्ड, पेन ड्राइव और स्पाई कैमरों में मौजूद सामग्री को लेकर पुलिस कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं लाई।
पुलिस ने आरोपी श्वेता जैन से पांच मोबाइल, रेशू चौधरी से चार मोबाइल, 32 जीबी का एसडी कार्ड, दो पेन ड्राइव और स्पाई कैमरे जब्त किए हैं। हालांकि इन उपकरणों में क्या मिला है, इस पर पुलिस ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है।

डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी ने कहा कि कुछ आरोपियों का वीडियो बनाने का पुराना इतिहास रहा है। हालांकि मामला अभी जांच में है। जब्त मोबाइल और अन्य उपकरण फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
फोरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उधर, मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अलका दीक्षित और उसके बेटे जयदीप को एक बार फिर रिमांड पर लिया था। इस पूरे मामले में फरियादी चिंटू ठाकुर की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है। चिंटू पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। वह गोली चलाने का आरोपी रह चुका है। आजाद नगर क्षेत्र में गोलीकांड में भी उसका नाम आया था। वह सुरक्षा के लिए हथियार रखता है और उसके साथ कई वाहन चलते हैं।

गोपनीयता को लेकर भी चर्चा

मामले की जांच प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों को बाद में गोपनीय तरीके से न्यायिक अधिकारी के आवास पर पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त की गई। इस बीच जांच एजेंसियां पूरे मामले को लेकर सतर्कता बरत रही हैं, जबकि राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह चर्चा बनी हुई है कि जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से निकलने वाली जानकारी इस प्रकरण को नया मोड़ दे सकती है।

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