नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के ऊपर होने वाली वायुसेना की फ्लाईपास्ट के दौरान लड़ाकू विमानों को पक्षियों से सुरक्षित रखने के लिए इस बार अनोखी तैयारी की गई है। आसमान में उड़ने वाली चीलों को दूर भगाने के बजाय उन्हें जमीन के पास ही भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि विमानों के उड़ान मार्ग से उनका ध्यान हटाया जा सके। वन विभाग और वायुसेना के समन्वय से लाल किले के आसपास 4 विशेष स्थानों पर चीलों के लिए चिकन के छोटे टुकड़े डाले जा रहे हैं।
दरअसल, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लड़ाकू विमान लाल किले के ऊपर से अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं। इस दौरान आसमान में मंडराने वाले पक्षियों के विमान से टकराने का खतरा बना रहता है। विमान और पक्षी की टक्कर को बर्ड स्ट्राइक कहा जाता है। यह स्थिति विमान की उड़ान के साथ उसमें सवार लोगों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
जमीन पर ही पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा
अधिकारियों ने इसी खतरे को देखते हुए चीलों के स्वभाव को ध्यान में रखकर यह तरीका अपनाया है। भोजन की तलाश में चीलें खुले इलाकों और आसमान में लगातार चक्कर लगाती हैं। ऐसे में उन्हें उड़ान क्षेत्र से हटाने के लिए जमीन पर ही पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उम्मीद है कि भोजन मिलने के बाद चीलें विमानों के संभावित उड़ान मार्ग में मंडराने के बजाय इन निर्धारित स्थानों के आसपास रहेंगी।
चार जगहों पर चिकन के टुकड़े डाले जाएंगे
इस व्यवस्था के तहत 4 फीडिंग पॉइंट बनाए गए हैं। इन स्थानों पर चीलों को आकर्षित करने के लिए चिकन के छोटे-छोटे टुकड़े डाले जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पक्षियों को नुकसान पहुंचाना या उन्हें जबरन हटाना नहीं, बल्कि उनके भोजन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित क्षेत्र में रोकना है।
गणतंत्र दिवस के दौरान भी अपनाया गया था तरीका
यह व्यवस्था पहली बार नहीं की जा रही है। इसी साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भी इसी तरीके का इस्तेमाल किया गया था। उस समय उड़ान मार्ग को पक्षियों से सुरक्षित रखने के लिए करीब 1275 किलो बोनलेस चिकन का इस्तेमाल किया गया था। प्रयोग के सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए भी इसी व्यवस्था को दोहराने का निर्णय लिया गया है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए संबंधित विभागों ने समय रहते तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का पूरा प्रयास है कि लाल किले के ऊपर होने वाली विमानों की उड़ान के दौरान पक्षियों के कारण किसी तरह की बाधा न आए। साथ ही इस पूरी कवायद में पक्षियों को किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।
15 अगस्त को जब लड़ाकू विमान लाल किले के ऊपर से गुजरेंगे, तब जमीन पर रखे। भोजन के जरिए चीलों को उड़ान मार्ग से दूर रखने की यह व्यवस्था कितनी कारगर रहती है, इस पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहेगी। समारोह के दौरान आसमान साफ रखने की इस अनोखी रणनीति का मकसद विमानों और पक्षियों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।