सुरक्षा नियमों का पालन पड़ा भारी, इंदौर एयरपोर्ट मैनेजर को थाने ले गई पुलिस !


इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर वीआईपी मूवमेंट की तैयारियों के दौरान शनिवार को पास जारी करने की बात पर एयरपोर्ट स्टाफ और जिला प्रशासन के अफसरों के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मामला इस कदर गर्मा गया कि पुलिस मौके पर मौजूद एक टर्मिनल मैनेजर और ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर के कर्मचारी को गाड़ी में बैठाकर सीधे एयरपोर्ट थाने ले गई। दोनों कर्मियों को करीब 2 घंटे तक थाने में बिठाकर रखा गया। बाद में जब उच्च अधिकारियों ने मामले में दखल दिया, तब जाकर दोनों को छोड़ा गया।
यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संभावित इंदौर दौरे को लेकर शुरू हुआ, जिसकी तैयारियों के सिलसिले में एडीएम रोशन राय और एसीपी विवेक सिंह सहित पुलिस व जिला प्रशासन की टीम एयरपोर्ट पहुंची थी। हालांकि, बाद में मुख्यमंत्री का यह दौरा निरस्त हो गया। वीआईपी एंट्री के लिए टर्मिनल एंट्री पास बनवाने के दौरान प्रशासनिक अफसरों की बातचीत ड्यूटी पर तैनात टर्मिनल मैनेजर मेघराम मीणा से हुई।
मीणा ने अफसरों को स्पष्ट किया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ऑफ इंडिया (बीसीएएसआई) के नए निर्देशों के तहत अब पास जारी करने की व्यवस्था बदल चुकी है और वह खुद इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। नए नियमों के मुताबिक, पास जारी करने का अंतिम अधिकार अब केवल चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर सुरेंद्र सिंह कौरव और सीनियर टर्मिनल मैनेजर सेठीलाल के पास ही है। टर्मिनल मैनेजर स्तर के कर्मचारी सिर्फ पास का ड्राफ्ट तैयार कर सकते हैं, लेकिन बिना सीनियर अफसरों के साइन के उसे हैंडओवर नहीं किया जा सकता।
जब टर्मिनल मैनेजर ने नियमों का हवाला देते हुए प्रशासनिक अमले को अधिकृत अधिकारियों से संपर्क करने को कहा, तो इस बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि एक पुलिस अधिकारी के निर्देश पर टर्मिनल मैनेजर और काउंटर कर्मचारी को पुलिस गाड़ी से थाने भेज दिया गया। जब इस पूरे घटनाक्रम की खबर एयरपोर्ट के आला अधिकारियों को लगी, तो उन्होंने जिला और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों से बात की, जिसके बाद दोनों को बिना किसी कार्रवाई के रिलीज किया गया।
दरअसल, कुछ समय पहले बीसीएएसआई ने इंदौर एयरपोर्ट का सिक्योरिटी ऑडिट किया था, जिसमें एंट्री पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर कुछ खामियां पाई गई थीं। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पास जारी करने के अधिकार सीमित कर केवल 2 सीनियर अफसरों को सौंपे गए थे। एयरपोर्ट स्टाफ का कहना है कि वे सिर्फ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के नियमों का पालन कर रहे थे और उसमें ढील देना उनके हाथ में नहीं था। उनका मानना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को केंद्रीय एजेंसियों के सुरक्षा प्रोटोकॉल का सम्मान करना चाहिए और सहयोग करना चाहिए, न कि इस तरह का अनुचित दबाव बनाना चाहिए।

Leave a Comment