बांकीपुर में प्रशांत किशोर का उलटफेर, भाजपा अध्यक्ष की सीट पर कब्जा, लगभग हर दूसरा वोट जन सुराज के पक्ष में!

पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने भाजपा के गढ़ में बड़ी जीत दर्ज की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 मतों से हराया।
मतगणना के अनुसार प्रशांत किशोर को 64,151 मत मिले, जो कुल मतों का 49.23 प्रतिशत है। भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 मत यानी 34.40 प्रतिशत वोट मिले। राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा कुमारी 14,273 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। खास बात यह रही कि रेखा कुमारी को मिले मत भी प्रशांत किशोर की जीत के अंतर से कम रहे। बांकीपुर में 34.30 प्रतिशत मतदान हुआ और कुल 1,30,313 मत पड़े। लगभग हर दूसरा मतदाता जन सुराज के साथ दिखाई दिया। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से भाजपा के नितिन नवीन ने 51 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। ऐसे में यह परिणाम बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

भाजपा और राजद से ज्यादा वोट
इस चुनाव का एक और उल्लेखनीय पक्ष यह रहा कि प्रशांत किशोर को अकेले भाजपा और राजद के संयुक्त मतों से भी अधिक समर्थन मिला। भाजपा और राजद को मिलाकर 59,100 मत मिले, जबकि प्रशांत किशोर ने 64,151 मत हासिल किए। यानी उन्हें दोनों दलों के संयुक्त मतों से 5,051 अधिक वोट मिले। चौथे स्थान पर मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव रहे, जिन्हें 973 मत मिले। नोटा के पक्ष में 646 मत पड़े।

बिहार को बेहतर नेतृत्व की जरूरत
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने इसे बांकीपुर की जनता का स्पष्ट संदेश बताया। उन्होंने कहा कि बिहार को बेहतर नेतृत्व की जरूरत है और भाजपा को राज्य में मुख्यमंत्री बदलने पर विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि राज्य को ऐसा नेतृत्व मिले जो शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा दे, ताकि युवाओं को मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। उन्होंने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि जिन लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया, उनका विश्वास भी जीतने का प्रयास जारी रहेगा।

जनता का फैसला सर्वोपरि
प्रशांत किशोर की जीत पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है और बांकीपुर की जनता ने जन सुराज को चुना है। इस परिणाम को भाजपा के मजबूत गढ़ में जन सुराज की बड़ी राजनीतिक सफलता और बिहार की बदलती राजनीति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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