चेन्नई। तमिलनाडु में अब टॉसमैक (टीएएसएमएसी) की सरकारी दुकानों से शराब खरीदने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। राज्य की नई सरकार ने ग्राहकों से तय कीमत से 10 से 20 रुपए अतिरिक्त वसूले जाने की लगातार मिल रही शिकायतों पर यह कदम उठाया है। इस व्यवस्था के तहत लोग टॉसमैक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से शराब का ऑर्डर दे सकेंगे और निर्धारित दुकान पर जाकर अपनी डिलीवरी उठा सकेंगे। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलने से आउटलेट्स पर मनमानी कीमत वसूलने की प्रथा पर रोक लगने की उम्मीद है।
मद्रास हाई कोर्ट की टिप्पणी बनी फैसले का आधार
सरकारी आउटलेट्स पर हो रही अतिरिक्त वसूली के मामले पर मद्रास हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था। जस्टिस इलंथिरायण की पीठ ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब सुपरमार्केट टूथब्रश जैसी छोटी चीज पर भी बिल देते हैं और पड़ोसी राज्य केरल में शराब बिक्री पर रसीद मिलती है, तो तमिलनाडु में ग्राहकों को बिल क्यों नहीं दिया जाता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कर्मचारी ग्राहकों से तय दर से अधिक रकम मांगते हैं, तो उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की छूट मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर आउटलेट्स पर पुलिस बल तैनात करने का सुझाव दिया गया था।
सर्कुलर की अनदेखी के बाद ऑनलाइन सिस्टम की शुरुआत
राज्य प्रशासन ने इससे पहले भी आउटलेट्स को चेतावनी देते हुए आधिकारिक सर्कुलर जारी किया था। इसके बावजूद कई दुकानों पर तय दर से अधिक पैसे वसूलने का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद टॉसमैक की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन बिक्री और डिजिटल पेमेंट का विकल्प पेश किया गया। ग्राहक अब इस पोर्टल पर अपनी पसंद के ब्रांड और बोतलों की संख्या चुन सकते हैं। भुगतान पूरा होने के बाद जनरेट हुए क्यूआर कोड को निर्धारित आउटलेट पर दिखाकर शराब प्राप्त की जा सकती है।
निजीकरण की अटकलें और राजनीतिक सरगर्मी
शराब बिक्री की इस नई प्रक्रिया के साथ ही राज्य में टॉसमैक के निजीकरण की चर्चाएं भी गर्म हो गई हैं। यदि खुदरा बिक्री निजी हाथों में सौंपी जाती है, तो यह 2003 के बाद से शराब व्यापार के ढांचे में सबसे बड़ा बदलाव होगा। हालांकि, इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, विपक्षी दल इस संभावित कदम का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि निजी क्षेत्र को प्रवेश देने से राज्य में शराब की खपत बढ़ेगी, जो लंबे समय से चले आ रहे शराबबंदी के लक्ष्यों के विपरीत होगा।
क्या है टॉसमैक?
तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) की स्थापना वर्ष 1983 में राज्य सरकार द्वारा थोक शराब बिक्री के उद्देश्य से की गई थी। इसके बाद वर्ष 2003 से खुदरा शराब व्यापार को पूरी तरह से टॉसमैक के नियंत्रण में दे दिया गया और निजी रिटेल दुकानों को बंद कर दिया गया। तब से लेकर अब तक टॉसमैक की दुकानें राज्य सरकार के राजस्व का एक प्रमुख जरिया बनी हुई हैं।