खर्च में कटौती की राह पर सरकार, वित्तीय संस्थाओं को सख्त निर्देश

खर्च में कटौती की राह पर सरकार, वित्तीय संस्थाओं को सख्त निर्देश

ईंधन संकट और वैश्विक तनाव के बीच खर्चे कम किए जाएं!

    नई दिल्ली। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी तथा पश्चिम एशिया में जारी तनाव के असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने खर्च कम करने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों को फिजूल खर्च रोकने और संसाधनों के सीमित उपयोग के निर्देश जारी किए हैं।

अनावश्यक खर्चों में कटौती करें
     वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी आदेश देश के प्रमुख सरकारी संस्थानों, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम सहित कई वित्तीय संगठनों पर लागू होगा। सरकार ने साफ कहा है कि कामकाज में ऐसे उपाय अपनाए जाएं, जिससे ईंधन की बचत हो और अनावश्यक खर्च कम किया जा सके।

विदेश यात्राओं में कटौती, डिजिटल मीटिंग पर जोर
     आदेश के अनुसार अब बैठकों, योजनाओं की समीक्षा और सुझावों के आदान-प्रदान के लिए अधिकतम उपयोग ऑनलाइन मीटिंगों का किया जाएगा। केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही अधिकारियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। मंत्रालय ने उच्च अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर भी नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए हैं। जहां संभव हो, वहां विदेशी कार्यक्रमों में डिजिटल माध्यम से भागीदारी करने को कहा गया है।

विद्युत वाहनों के उपयोग पर जोर
     सरकार ने पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों के स्थान पर विद्युत वाहनों को तेजी से अपनाने पर भी जोर दिया है। मंत्रालय ने सभी संस्थानों से कहा है कि मुख्यालय और शाखाओं में किराये पर लगाए गए वाहनों को चरणबद्ध तरीके से विद्युत वाहनों में बदला जाए। इसके लिए लक्ष्य तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
    यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद सामने आया है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों और अधिकारियों से कोरोना काल की तरह घर से काम करने, ऑनलाइन बैठकों और वीडियो संवाद व्यवस्था को दोबारा अपनाने का आग्रह किया था। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित से जुड़ा कदम बताया था।

प्रधानमंत्री ने की थी अपील
     प्रधानमंत्री ने कहा था कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अस्थिरता भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्रों में तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों की चिंता बढ़ गई है।
    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने महानगरों और मेट्रो सेवा वाले शहरों के लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और निजी वाहनों का अनावश्यक इस्तेमाल कम करने की अपील की थी। उन्होंने मध्यम वर्ग से एक वर्ष तक विदेश यात्राओं से बचने, सोने की खरीद सीमित रखने और स्वदेश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया था।

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