पार्टी की कसौटी पर खरा न उतरने वाले नेताओं पर गाज गिरी
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन में व्यापक बदलाव किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश पर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कई नई नियुक्तियों और फेरबदल के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए हैं। पार्टी के संगठन सृजन अभियान के तहत जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने और चुनावी जीत दर्ज करने की रणनीति के तहत यह कदम उठाया गया है।
उत्तर प्रदेश को मिले 6 नए एआईसीसी सचिव
कांग्रेस की ओर से जारी आदेश के अनुसार 6 नए नेताओं को एआईसीसी सचिव नियुक्त कर उत्तर प्रदेश के एआईसीसी प्रभारी से जोड़ा गया है। इन नए पदाधिकारियों में अभिषेक दत्त, कुणाल चौधरी, जगदीश चंदर जांगिड़, संजीव आर्य, वरुण चौधरी और अब्दुल हन्नान के नाम शामिल हैं। इन नेताओं को संगठन में सक्रियता और सीधी जनसमस्याओं से जुड़ाव को ध्यान में रखकर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

निष्क्रियता के चलते 6 पुराने सचिवों की विदाई
एक तरफ जहां नई टीम को जिम्मेदारी दी गई है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी के रूप में काम कर रहे 6 सचिवों को पदमुक्त कर दिया गया है। हटाए गए नेताओं में मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल, धीरज गुर्जर, निलांशु चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी और तौकीर आलम शामिल हैं। सत्यनारायण पटेल पिछले 4-5 वर्षों से इस पद पर बने हुए थे। राहुल गांधी और संगठन सृजन के कड़े मापदंडों पर खरा न उतरने की वजह से इन सभी को जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है।
उत्तराखंड में भी सांगठनिक विस्तार और भावी रणनीति
कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि संगठन में अब उन्हीं नेताओं को जगह दी जाएगी जो जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं और जनता से सीधे जुड़े हैं। हालांकि पार्टी ने पदमुक्त किए गए सभी निवर्तमान सचिवों के पिछले योगदान की सराहना भी की है। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ कांग्रेस ने पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी बड़ा फेरबदल करते हुए अपनी कार्यकारिणी का विस्तार किया है, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूत आधार मिल सके।