इंदौर। राधिका कुंज क्षेत्र के खाली प्लॉटों पर कब्जा कर दुकान और टीन शेड बनाने तथा जमीन मालिकों से कब्जा खाली करने के बदले रकम मांगने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने लिस्टेड गुंडे मुख्तियार खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मुख्तियार के खिलाफ अवैध कब्जे, रंगदारी, मारपीट सहित 35 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एमआईजी थाने का लिस्टेड गुंडा है और उसे पुलिस प्रशासन 2 बार जिला बदर भी कर चुका है। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के मुताबिक, एलआईजी क्षेत्र निवासी मुख्तियार खान ने राधिका कुंज कॉलोनी के कई खाली प्लॉटों पर कथित तौर पर कब्जा कर रखा था। कब्जे वाली जमीन पर टीन शेड और दुकानें बनाई गई थीं, जिनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। जमीन मालिकों ने जब अपने प्लॉट खाली करने के लिए कहा तो आरोपी द्वारा कथित तौर पर उनसे बड़ी रकम मांगी गई। रकम देने से मना करने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी सामने आए। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मामला दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम मुख्तियार की तलाश कर रही थी। रविवार को टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस उसके कब्जे वाली जमीन, जमीन के लेनदेन और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिसकर्मियों से नजदीकी सामने आई
मुख्तियार के जेल से बाहर आने के बाद विजयनगर और एमआईजी थाने के खुफिया सेल में तैनात कुछ जवानों तथा स्थानीय पुलिसकर्मियों से उसकी नजदीकी की जानकारी भी सामने आई थी। आरोप था कि कुछ पुलिसकर्मी कार्रवाई से पहले उसे सूचना दे देते थे और उसकी गतिविधियों को संरक्षण मिलता था। पुलिस प्रशासन ने इस मामले की अंदरूनी जांच कराई थी। जांच के बाद संदिग्ध जवानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आई थी।
मुख्तियार को पुलिस प्रशासन पहले 2 बार जिला बदर कर चुका है। इसके बावजूद उसके खिलाफ आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने की शिकायतें आती रहीं। अब गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, कथित अवैध कब्जों, जमीन की खरीद-फरोख्त और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जमीन से जुड़े मामलों में उसके साथ और कौन लोग शामिल रहे हैं।
नाबालिग को पीटने का आरोप
मुख्तियार खान वर्ष 2018 में भी एक गंभीर मामले को लेकर चर्चा में आया था। पुलिस के मुताबिक, राधिका कुंज में कब्जे वाली जमीन पर उसने एक कमरा बना रखा था। आरोप है कि एक नाबालिग को वहां बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई थी। बताया गया था कि बेटे से विवाद के बाद नाबालिग को वहां लाया गया था। आरोप है कि नाबालिग को बेल्ट से पीटा गया और उससे टॉयलेट सीट चटवाई गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद तत्कालीन टीआई तहजीब काजी ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने मुख्तियार के कब्जों की जानकारी जुटाई थी। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कब्जे वाली जमीन खाली कराई और उसका मकान भी तोड़ दिया था। मामले में मुख्तियार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
जेल के बाद भी अपराध जारी
पुलिस का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद भी मुख्तियार पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे। फिलहाल वह एलआईजी लिंक रोड पर सोफा की दुकान चलाता है। पुलिस अब उसके पुराने मामलों के साथ ही राधिका कुंज और अन्य क्षेत्रों में किए गए कथित कब्जों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आया है कि मुख्तियार और उसके साथियों ने जमीन के असली मालिकों के नाम पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और प्लॉट बेचने की कोशिश की। पुलिस को जमीनों पर बंदूक और बदमाशों के बल पर कब्जा करने तथा कब्जा खाली करने के नाम पर जमीन मालिकों को डराने-धमकाने की शिकायत भी मिली हैं। इन आरोपों की भी जांच की जा रही है।