इंदौर। शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वी रिंग रोड से रोबोट चौराहा तक 6-लेन फ्लाइओवर निर्माण की घोषणा की है। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह फ्लाईओवर शहर के तेजी से बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके निर्माण से पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा तथा प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के अंतर्गत तुलसी नगर पुलिया से निपानिया तक प्रस्तावित सड़क एवं प्राइमरी तथा आंतरिक सीवर लाइन कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में की। उन्होंने कहा कि इंदौर के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क और आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत अधोसंरचना तैयार की जा सके।
लिंक रोड निर्माण की घोषणा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कनाड़िया रोड से खजराना रोड तक लगभग 1400 मीटर लंबी लिंक रोड निर्माण की भी घोषणा की। इस मार्ग के बनने से शहर के कई क्षेत्रों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे खजराना, कनाड़िया, निपानिया और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव भी संतुलित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में वर्षों से निवास कर रहे नागरिकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया को भी गति दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिल सके।
फ्लाईओवर महत्वपूर्ण परियोजना
शहरी विकास से जुड़े जानकारों का मानना है कि पूर्वी रिंग रोड से रोबोट चौराहा तक प्रस्तावित 6-लेन फ्लाईओवर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही महत्वपूर्ण परियोजना है। रोबोट चौराहा शहर के सबसे व्यस्त यातायात बिंदुओं में शामिल है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। फ्लाईओवर बनने के बाद इस क्षेत्र में यातायात की गति बढ़ेगी और विभिन्न मार्गों के बीच निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा।
नगर के तेजी से विस्तार को देखते हुए सड़क, सीवर और कनेक्टिविटी से जुड़ी इन परियोजनाओं को इंदौर के भविष्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल यातायात व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।