इंदौर के कद्दावर कांग्रेस नेता अश्विन जोशी का निधन, राजनीतिक जगत में शोक

     इंदौर। मालवा की राजनीति के एक प्रखर हस्ताक्षर और इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 के पूर्व विधायक अश्विन जोशी अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार तड़के उन्होंने शहर के शेल्बी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जिससे समूचे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में दुख की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से शारीरिक अस्वस्थता से जूझ रहे थे। उनकी देह में लवण अर्थात सोडियम की मात्रा चिंताजनक स्तर तक घट गई थी, जिसके कारण उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों ने कार्य करना बंद कर दिया था। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों और गहन चिकित्सा के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः एक जुझारू जीवन यात्रा का समापन हो गया।

पुत्र के विदेश से आने पर होगी अंतिम विदाई
     स्व अश्विन जोशी का पार्थिव शरीर वर्तमान में अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखा गया है। उनके भाई संजय जोशी और पारिवारिक सदस्यों ने जानकारी साझा की है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में कुछ समय का विलंब होगा। पूर्व विधायक का पुत्र वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में निवास कर रहा है, जिन्हें पिता के निधन की सूचना दे दी गई है। उनके इंदौर पहुंचने के पश्चात ही अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और पंचतत्व में विलीन होने की अंतिम क्रियाएं पूरी की जाएंगी। तब तक शहर के गणमान्य जन और समर्थक उनके अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा में हैं।

संघर्षशील जननायक की विदाई से उपजा शून्य
    इंदौर की सड़कों से लेकर सदन की दहलीज तक अश्विन जोशी की पहचान एक संघर्षशील और मुखर जनप्रतिनिधि के रूप में रही। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र क्रमांक-तीन की जनता की आवाज को पूरी प्रखरता के साथ शासन के समक्ष रखा। वे केवल एक नेता नहीं बल्कि जमीन से जुड़े कार्यकर्ता थे, जिन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूती प्रदान करने में अपना पूरा जीवन खपा दिया। उनकी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण के कारण ही उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सम्मान प्राप्त था।

शहर के गणमान्य नागरिकों ने दी श्रद्धांजलि
    अश्विन जोशी के आकस्मिक प्रस्थान को कांग्रेस संगठन के लिए एक ऐसी क्षति माना जा रहा है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। उनके निधन का समाचार मिलते ही शहर के विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध जनों ने गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। लोगों का मानना है कि इंदौर ने एक ऐसा नेता खो दिया है जो आम आदमी के हितों के लिए किसी भी स्तर पर टकराने का साहस रखता था। उनकी स्मृतियां और उनके द्वारा किए गए विकास कार्य इंदौर के इतिहास में सदैव जीवित रहेंगे।

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