अस्थाई भूअभिलेख कर्मियों को 30 दिन में स्थाई करें, हाईकोर्ट का निर्देश, 45 दिन बाद भी हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं


इंदौर। भूअभिलेख विभाग में कई अस्थाई कर्मचारी 36 साल से पदस्थ हैं। अभी तक किसी भी कलेक्टर ने उन्हें स्थाई करने की दिशा में कोई पहल नहीं की। इन कर्मचारियों को स्थाई करने की मांग वाली याचिका पर 6 मई 2026 को हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि इन कर्मचारियों को स्थाई करने की कार्रवाई की जाए। हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर कर्मचारी फिर हाई कोर्ट गए और अपील की, कि कोर्ट के आदेश के आदेश की अवमानना की गई।
इस पर 7 अगस्त को हाई कोर्ट ने कलेक्टर इंदौर को आदेश का पालन करने के लिए 45 दिन का समय दिया है। हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक, यह याचिका याचिकाकर्ता द्वारा यह आरोप लगाते हुए प्रस्तुत की गई है कि 6.5.2026 को रिट याचिका (क्रमांक 49253/2025) में पारित आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। 7 अगस्त को जारी उक्त आदेश के माध्यम से हाई कोर्ट ने कलेक्टर इंदौर को निर्देश दिया कि वे प्रमाणित आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से 45 दिनों की अवधि के भीतर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विचार कर उसका निर्णय करें। हालांकि, अभी तक उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। अब पुनः 30 दिन का समय इस आदेश के पालन के लिए दिया गया है।
आदेश में कहा गया कि प्रकरण के उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए निर्देशित किया जाता है कि 6.5.2026 को रिट याचिका में पारित आदेश का प्रतिवादियों द्वारा इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से 30 (तीस) दिनों की अवधि के भीतर अनिवार्य रूप से अनुपालन किया जाए। यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि उपर्युक्त अवधि के भीतर आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है और याचिकाकर्ता को पुनः इस न्यायालय का रुख करने के लिए विवश होना पड़ता है, तो इसके लिए पूरी तरह से प्रतिवादी जिम्मेदार होंगे। इसके परिणाम भी उन्हें ही भुगतने होंगे। ऐसी स्थिति में उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।

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