नई दिल्ली। राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपित सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार ने मेघालय हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें सोनम को जमानत पर रिहा रखने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा गया था। इस मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
गुरुवार को मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने मामले की मुख्य आरोपी को जमानत देकर गंभीर त्रुटि की है और इस आदेश पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने कहा कि हाई कोर्ट ने यह मानते हुए सोनम को जमानत दी कि गिरफ्तारी के समय उसे गिरफ्तारी के आधारों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। उन्होंने अदालत को बताया कि संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का मुद्दा एक ऐसे प्रावधान से जुड़ा है, जिसका उल्लेख टाइपिंग की गलती के कारण गलत तरीके से दर्ज हो गया था।
जमानत पर फरार होने की आशंका
मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी दलील दी कि यदि सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर रहती है तो उसके फरार होने की आशंका बनी हुई है। सरकार ने इसी आधार पर उसकी जमानत निरस्त करने का अनुरोध किया है। पीठ ने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति दे दी। उल्लेखनीय है कि गत 29 जून को मेघालय हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसके तहत सोनम रघुवंशी को जमानत प्रदान की गई थी।
हनीमून पर पति की हत्या का मामला
यह मामला पिछले वर्ष जून का है। नवविवाहित दंपती राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए थे। 23 मई, 2025 को दोनों सोहरा क्षेत्र से लापता हो गए थे। इसके बाद 2 जून, 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार, सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। इसी मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल उसकी जमानत को लेकर कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है।