कराकास। वेनेजुएला की राजधानी कराकास और उसके आस-पास के इलाके प्रकृति के भीषण प्रकोप से दहल उठे हैं। अमेरिकी भूगर्भीय संस्था (यूएसजीएस) ने इस तबाही को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला में आया यह भूकंप बेहद घातक साबित हुआ क्योंकि यह एक ‘डबल इवेंट’ था, यानी एक के बाद एक दो बड़े झटके आए। पहले इलाके में 7.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया और लोग संभल पाते, उससे पहले महज 39 सेकंड के भीतर 7.5 तीव्रता का दूसरा और कहीं अधिक शक्तिशाली झटका लगा। भूवैज्ञानिकों ने इस दूसरे झटके को ही मुख्य भूकंप (मेनशॉक) माना है।
कम गहराई ने बढ़ाई तबाही की रफ्तार
इस भीषण आपदा की सबसे बड़ी वजह भूकंप का केंद्र जमीन के बेहद नजदीक होना था। दोनों ही झटके धरती की सतह से महज 10 से 13 किलोमीटर की गहराई पर आए थे। भूकंप विज्ञान के नियमों के मुताबिक, जब इतनी कम गहराई पर हलचल होती है, तो जमीनी सतह पर उसका असर सबसे खतरनाक होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भूकंपीय ऊर्जा को सतह तक पहुंचने के लिए बहुत कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे रास्ते में उसकी ताकत कम नहीं हो पाती। यही वजह रही कि कराकास में झटके इतने जोरदार थे कि मजबूत इमारतें भी ताश के पत्तों की तरह हिल गईं और कई पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं।
22 मंजिला इमारत जमींदोज, मलबे में जिंदगी की तलाश
इस आपदा ने राजधानी कराकास को सबसे ज्यादा जख्म दिए हैं। शहर की एक व्यस्त 22 मंजिला गगनचुंबी इमारत पूरी तरह ढह चुकी है। राहत और बचाव दल लगातार इस विशाल मलबे को हटाने और जिंदगियों को तलाशने के काम में जुटे हैं। प्रशासन को अंदेशा है कि इस इमारत के ढहने से कई लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल लागू करने का एलान किया है। उन्होंने टेलीविजन के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए इस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
आफ्टरशॉक्स का खतरा बरकरार, प्रशासन अलर्ट पर
विनाशकारी झटकों के बाद भी खतरा अभी टला नहीं है। अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में तेज ‘आफ्टरशॉक्स’ (बाद के झटके) आ सकते हैं, जिनकी तीव्रता काफी ज्यादा हो सकती है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसके साथ ही आम जनता को बेहद सतर्क रहने और किसी भी असुरक्षित ढांचे से दूर, सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी गई है।