इंदौर। दो दिन पहले शिशुकुंज स्कूल में दूषित भोजन के कारण 100 से ज्यादा बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर के आदेश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन के संयुक्त दल द्वारा जिले के सभी स्कूलों की कैंटीन और हॉस्टल मेस का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस औचक जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, साफ-सुथरा और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराना है। जांच टीम ने कई नामी शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण कर स्वच्छता मानकों को परखा और जांच के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं।
लाइसेंस और सफाई न होने पर दो संस्थानों के किचन बंद
जांच दल जब गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल पहुंचा, तो वहां भोजन निर्माण इकाई का वैध लाइसेंस ही नहीं मिला। मौके पर कुछ एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री भी मिली, जिसे तुरंत नष्ट कराया गया। इसके अलावा, खाना बनाने के लिए टैंकर के पानी का इस्तेमाल हो रहा था, जिसकी कोई वॉटर टेस्टिंग रिपोर्ट नहीं थी। आरओ टैंक में भी भारी गंदगी मिली। इन गंभीर कमियों को देखते हुए प्रशासन ने स्कूल के किचन को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है और सुधार होने तक संचालन पर रोक लगा दी है। इसी तरह, एक्रोपोलिस संस्थान के मेस और किचन में भी साफ-सफाई की भारी अनदेखी पाई गई। रखरखाव और सुरक्षित भंडारण के नियम पूरे न मिलने के कारण इस संस्थान के किचन को भी सुधार होने तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां से धनिया, मिर्च, हल्दी पाउडर, दही, पनीर और बेसन सहित कुल 6 सैंपल लिए गए हैं।
अन्य प्रमुख स्कूलों में भी मिलीं कमियां, लिए गए सैंपल
प्रशासन की टीम ने न्यू दिगंबर पब्लिक स्कूल का भी रुख किया, जहां एक्सपायरी सामान के साथ-साथ पुराने और नए राशन को एक ही जगह मिक्स करके रखा गया था। टीम ने उन्हें अलग-अलग भंडारण करने के निर्देश दिए और तैयार सब्जी, सौंफ, नमकीन व कुकीज के 4 नमूने लिए। अग्रसेन विद्यालय में मेस की शर्तों का पालन करने की हिदायत देते हुए चावल, राजमा, आटा और बेसन के 4 सैंपल भरे गए। दिल्ली पब्लिक स्कूल में भी मेस की जांच कर पनीर, चावल, गुड़, बेसन, चवला और काबुली चना के 6 नमूने इकट्ठे किए गए। उधर, एडवांस एकेडमी में साफ-सफाई तो ठीक मिली, लेकिन पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार करने को कहा गया। इस स्कूल से मावा, दाल, चावल, रोटी, सब्जी, खिचड़ी और कढ़ी सहित सबसे ज्यादा 11 सैंपल लिए गए।
लैब भेजे गए नमूने, दोषियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान जुटाए गए सभी खाद्य नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कड़े नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने साफ किया है कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। स्कूलों और हॉस्टलों की मेस का यह चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।