मुंबई। महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर विभाग की कार्रवाई का बचाव किया है। 3 सितंबर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे अदालत की ओर से एफडीए की कुछ कार्रवाइयों पर उठाए गए सवालों के बारे में पूछा गया। इस पर मुंढे ने कहा कि वह भगवान नहीं हैं, बल्कि पब्लिक सर्वेंट हैं। यदि कोर्ट किसी कार्रवाई में गलती बताता है तो विभाग उसे ठीक करेगा। मुंढे ने कहा कि एफडीए अपनी तय प्रक्रिया के अनुसार काम करता है। विभाग की कार्रवाई का मकसद किसी व्यक्ति, होटल या कारोबार को परेशान करना नहीं है। प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को साफ और सुरक्षित भोजन मिले।
‘मैं तुकाराम मुंढे हूं, पब्लिक सर्वेंट हूं’
कोर्ट की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर मुंढे ने कहा, ‘मुझे पता है कि मैं भगवान नहीं हूं। मैं तुकाराम मुंढे हूं और तुकाराम मुंढे एक पब्लिक सर्वेंट हैं।’ उन्होंने कहा कि विभाग नियमों के मुताबिक कार्रवाई करता है। यदि अदालत को किसी मामले में कोई कमी या गलती दिखाई देती है और वह बात एफडीए के सामने रखी जाती है, तो विभाग उसमें सुधार करेगा। एफडीए की ओर से खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्टोरेंट, दूध डेयरी और दूध कलेक्शन सेंटर सहित दूसरे प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने कई प्रतिष्ठानों के फूड सेफ्टी लाइसेंस निलंबित किए हैं। गुटखा के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।
बड़े पैमाने पर खाना बनाने वालों को देनी होगी जानकारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंढे से यह सवाल भी किया गया कि क्या अब लोगों को त्योहार मनाने के लिए एफडीए से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने इसे साफ तौर पर खारिज करते हुए कहा कि विभाग ने ऐसा कभी नहीं कहा। उन्होंने लोगों से इस संबंध में गलत जानकारी से गुमराह नहीं होने की अपील की। मुंढे ने बताया कि एफडीए का ध्यान उन मामलों पर है, जहां बड़े स्तर पर भोजन तैयार किया जाता है या लोगों के बीच बांटा जाता है। यदि कोई व्यक्ति बड़े पैमाने पर भोजन दान करने जा रहा है या फूड पेंट्री शुरू कर रहा है तो उसे इसकी जानकारी एफडीए को देनी चाहिए। इससे विभाग जरूरत पड़ने पर भोजन के नमूने लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि एफडीए का उद्देश्य त्योहार या किसी आयोजन को रोकना नहीं है। विभाग केवल यह देखना चाहता है कि बड़े पैमाने पर लोगों को दिया जाने वाला भोजन सुरक्षित हो और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।
3 सेलिब्रिटी को भेजे थे नोटिस, 2 के जवाब मिले
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेलिब्रिटी विज्ञापन से जुड़े मामले पर भी सवाल हुआ। एफडीए ने इस मामले में 3 सेलिब्रिटी को नोटिस जारी किए थे। मुंढे ने बताया कि इनमें से 2 ने 2 दिन पहले विभाग को अपना जवाब भेज दिया है, जबकि तीसरे सेलिब्रिटी के जवाब का इंतजार है। उन्होंने कहा कि मिले दोनों जवाबों की जांच के बाद विभाग आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा। मुंढे ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में एफडीए की कार्रवाई जारी रहेगी और विभाग का काम लोगों तक सुरक्षित तथा गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचना सुनिश्चित करना है।