मानसून की फुहारों ने उमस से बेहाल मुंबई को राहत दी, धीमी चाल से आगे बढ़ रहा मानसून

मुंबई। लंबे इंतजार और भीषण उमस के बाद आखिरकार रविवार की सुबह मुंबईवासियों के लिए राहत की फुहारें लेकर आई। मुंबई के कई इलाकों में हुई हल्की से मध्यम बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। हालांकि, यह राहत ऐसे समय में मिली है जब महानगर पहले से ही पानी की भारी कमी से जूझ रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जून की शुरुआत में ही दक्षिण कोंकण के रास्ते सूबे में दस्तक दे दी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण इसकी रफ्तार सुस्त पड़ गई। अब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात एक बार फिर बेहतर हो रहे हैं। मौसम एजेंसी ने चंद्रपुर, रत्नागिरी, कोल्हापुर, भंडारा, गोंदिया और गढ़चिरोली जैसे जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है।
रविवार तड़के हुई इस बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के मुताबिक, सुबह 6 बजे से 7 बजे के दौरान घाटकोपर के रमाबाई म्युनिसिपल स्कूल वाले इलाके में सबसे ज्यादा 24 मिमी पानी बरसा। इसी दौरान चेंबूर फायर स्टेशन के पास 20 मिमी और मानखुर्द फायर स्टेशन के पास 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद, सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच वर्ली सीफेस म्यूनिसिपल स्कूल और सावित्रीबाई फुले म्यूनिसिपल स्कूल के इलाकों में सबसे तेज बौछारें पड़ीं, जहां 25 मिमी बरसात दर्ज हुई। इसके अलावा लोअर परेल के जी-साउथ वार्ड दफ्तर में 21 मिमी और वर्ली फायर स्टेशन के पास 17 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

जलाशयों में घटते पानी से चिंता, निगम की सख्त पाबंदियां
भले ही बादलों के बरसने से लोगों को गर्मी से निजात मिल गई हो, लेकिन शहर पर मंडरा रहा जल संकट अभी टला नहीं है। मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली 7 प्रमुख झीलों का जलस्तर बेहद निचले स्तर पर पहुंच गया है। आम तौर पर ये तमाम जलाशय मानसूनी बारिश से लबालब होते हैं, मगर इस बार मानसून के समय पर न आने और शुरुआती दौर में कम पानी गिरने की वजह से मुख्य सीजन शुरू होने से पहले ही ये सूखने कगार पर आ गए हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए बीएमसी ने पानी की खपत को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। नए नियमों के तहत औद्योगिक इकाइयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और खेल परिसरों को की जाने वाली पानी की सप्लाई में 20% की कटौती कर दी गई है। इसके साथ ही स्विमिंग पूलों और कंस्ट्रक्शन साइट्स को मिलने वाले पानी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि अगले आदेश तक किसी भी नई कंस्ट्रक्शन साइट को पानी का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। आम जनता और संस्थाओं से अपील की गई है कि वे पीने के साफ पानी का इस्तेमाल गाड़ियां धोने, बागवानी करने या सड़कों-परिसरों की साफ-सफाई में बिल्कुल न करें और इन कामों के लिए पानी के दूसरे विकल्पों का इंतजाम करें।

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