नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ग्राहकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय बैंक बैंक खाते से होने वाले सभी डेबिट लेनदेन के लिए एक विशेष व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रहा है, जिसके तहत ग्राहक जरूरत पड़ने पर एक ही क्लिक में अपने खाते से होने वाले सभी भुगतान रोक सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर ठगी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने 29 मई को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इस प्रस्ताव का उल्लेख किया है। रिपोर्ट के अनुसार यदि किसी ग्राहक को किसी लेनदेन को लेकर संदेह होता है या उसे धोखाधड़ी की आशंका महसूस होती है, तो वह तत्काल इस सुविधा का उपयोग कर अपने खाते से होने वाले सभी भुगतान अस्थायी रूप से बंद कर सकेगा। हाल ही में पहली बार अधिक राशि वाले व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान को अतिरिक्त सुरक्षा जांच के बाद पूरा करने के सुझाव के बाद अब यह नई व्यवस्था भी चर्चा में है।
‘स्विच ऑन’ और ‘स्विच ऑफ’ सुविधा पर भी विचार
केंद्रीय बैंक सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों के लिए ‘स्विच ऑन’ और ‘स्विच ऑफ’ सुविधा शुरू करने की संभावना पर भी काम कर रहा है। इसके साथ ही प्रस्तावित ‘किल स्विच’ ग्राहकों को ऐसी ताकत देगा, जिससे खाते से होने वाले सभी लेनदेन को एक साथ अवरुद्ध किया जा सकेगा। माना जा रहा है कि इससे डिजिटल भुगतान प्रणाली में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा तथा धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने में सहायता मिलेगी।
ग्राहकों को मिलेगा अधिक नियंत्रण
वर्तमान में घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और स्पर्श आधारित कार्ड भुगतान के लिए इस तरह की सुविधा पहले से उपलब्ध है। ग्राहक अपने बैंक की वेबसाइट या मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से इन सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। इसके तहत वे विभिन्न प्रकार के भुगतान के लिए सीमा निर्धारित कर सकते हैं या आवश्यकता अनुसार उसमें बदलाव भी कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक का मानना है कि इस प्रकार की व्यवस्था ग्राहकों को अपने डिजिटल भुगतान व्यवहार पर अधिक नियंत्रण प्रदान करती है और जोखिम को कम करने में मददगार साबित होती है।
इस वर्ष शुरू हो सकता है डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
केंद्रीय बैंक इस वर्ष ‘डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ को भी पूरा कर शुरू करने की योजना बना रहा है। यह मंच कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से देश में होने वाले प्रत्येक ऑनलाइन भुगतान पर नजर रखेगा। जैसे ही कोई भुगतान होगा, यह प्रणाली वास्तविक समय में उसका विश्लेषण कर यह आकलन करेगी कि उस लेनदेन में धोखाधड़ी या ठगी की आशंका कितनी है। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से की जा सकेगी।
तेज सुविधा के कारण बढ़ा डिजिटल भुगतान का चलन
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि 52 प्रतिशत उपयोगकर्ता डिजिटल भुगतान को अपना चुके हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण भुगतान की तेज प्रक्रिया और सुविधा को माना गया है। बढ़ते उपयोग के साथ सुरक्षा संबंधी उपायों को मजबूत बनाना भी अब प्राथमिकता बन गया है।
क्या होता है ‘किल स्विच’?
‘किल स्विच’ एक आपातकालीन व्यवस्था होती है, जिसके सक्रिय होते ही कोई भी चल रही प्रणाली या प्रक्रिया तुरंत बंद हो जाती है। औद्योगिक इकाइयों में मशीनों के साथ लगाए जाने वाले बड़े लाल बटन इसका सबसे सामान्य उदाहरण हैं। किसी दुर्घटना या खतरे की स्थिति में उस बटन को दबाते ही पूरी मशीनरी तत्काल रुक जाती है।
डिजिटल भुगतान व्यवस्था में प्रस्तावित ‘किल स्विच’ भी इसी सिद्धांत पर काम करेगा। ग्राहक जैसे ही इसे सक्रिय करेगा, उसके खाते से होने वाले सभी डेबिट लेनदेन तत्काल रोक दिए जाएंगे। इससे साइबर अपराधियों द्वारा धन निकासी की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और ग्राहकों को आपात स्थिति में त्वरित सुरक्षा कवच उपलब्ध होगा।