नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से उभरे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी सीजेपी नाम के अभियान को अब औपचारिक राजनीतिक दल का रूप देने की कोशिश शुरू हो गई है। देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आए इस डिजिटल समूह को लेकर हरियाणा के पानीपत निवासी 35 वर्षीय वकील सुधीर जाखर ने निर्वाचन आयोग में आवेदन दाखिल किया है।
सुधीर जाखर ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के तहत यह आवेदन प्रस्तुत करते हुए सीजेपी को अपने नाम से पंजीकृत करने की मांग की है। आवेदन में उन्होंने स्वयं को प्रस्तावित दल का राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने की इच्छा भी जताई है।
जनभावनाओं को राजनीतिक दिशा देने का दावा
निर्वाचन सचिव को सौंपे गए दस्तावेजों में सुधीर जाखर ने कहा है कि उनकी पहल लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के संवैधानिक दायित्वों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से की जा रही है। उनका कहना है कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद देशभर में जो जनभावनाएं सामने आईं, उन्हें एक संगठित और सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता महसूस हुई।
जाखर ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि सीजेपी के मूल संस्थापक अभिजीत दिपके फिलहाल देश से बाहर हैं और उनकी वापसी की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं है। इसी कारण उन्होंने आगे बढ़कर राजनीतिक पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया।
आयोग को सौंपे गए प्रतीक चिन्ह और दस्तावेज
आवेदन के साथ सीजेपी का ‘कॉकरोच’ प्रतीक चिन्ह और सुधीर जाखर का अधिवक्ता पदनाम भी संलग्न किया गया है। कानूनी जानकारों के अनुसार यदि निर्वाचन आयोग इस संगठन को पंजीकृत कर देता है, तो सुधीर जाखर संबंधित सोशल मीडिया खातों पर भी कानूनी दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति निष्ठा
प्रस्तावित दल की ओर से आयोग को दिए गए आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि संगठन संविधान की मर्यादा के भीतर रहकर ही कार्य करेगा। इसमें समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और गणराज्य की मूल भावना के प्रति निष्ठा जताई गई है। साथ ही देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प भी दोहराया गया है।
भेदभाव नहीं करेगा यह संगठन
सुधीर जाखर ने कहा है कि यह संगठन धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र, लिंग या समुदाय के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करेगा और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर लोकतांत्रिक सुधारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से काम करेगा। उन्होंने आयोग को यह भरोसा भी दिलाया है कि निर्देश मिलते ही पार्टी का संविधान, शपथ पत्र, सदस्यता विवरण और पदाधिकारियों की सूची सहित सभी जरूरी दस्तावेज जमा करा दिए जाएंगे। सुधीर जाखर छात्र जीवन से ही आंदोलनों से जुड़े रहे हैं। तीन कृषि कानूनों के विरोध में चले किसान आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। आंदोलन के दौरान उन पर कुछ मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।
1 सप्ताह में 2 करोड़ से अधिक अनुयायी
इस समय सीजेपी सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। इंस्टाग्राम पर महज 1 सप्ताह के भीतर इसके अनुयायियों की संख्या 2 करोड़ से अधिक पहुंच गई है। भारत के साथ-साथ विदेशों में भी इस डिजिटल अभियान को लेकर उत्सुकता देखी जा रही है। अब इस ऑनलाइन अभियान को वास्तविक राजनीतिक दल का रूप देने की कानूनी प्रक्रिया ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।