लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिका का शिकंजा, 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापे, 24 गिरफ्तार !

ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में कार्रवाई, 37 पर आरोप, 10 फरार

वॉशिंगटन। अमेरिकी एजेंसियों ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई करते हुए अमेरिका, कनाडा और यूरोप में व्यापक अभियान चलाया है। ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम से चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य उन आपराधिक नेटवर्क पर प्रहार करना था, जो कई देशों में हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अपहरण, हथियारों से जुड़े अपराध और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल बताए गए हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) के अनुसार, कई वर्षों से चल रही जांच के आधार पर कैलिफोर्निया, इंडियाना, जॉर्जिया, कनाडा और स्पेन में 50 से अधिक सर्च वारंट पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विभाग ने बताया कि भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध समूहों के खिलाफ तीन अलग-अलग संघीय अभियोग दायर किए गए हैं, जिनमें कुल 37 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। इनमें से 24 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि 10 अभी भी फरार हैं।

जेल से नेटवर्क चलाने का आरोप
तीन संघीय अभियोगों में से एक जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ा है। अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि वह भारत की जेल में रहते हुए एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। आरोपपत्र के अनुसार, उसने अवैध मोबाइल फोन और इंटरनेट आधारित संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर कई देशों में कथित राजनीतिक हत्याओं, जबरन वसूली, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों का संचालन किया।

गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा की भी भूमिका
अभियोजन पक्ष ने लॉरेंस बिश्नोई के प्रमुख सहयोगियों गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा का भी उल्लेख किया है। आरोप है कि गोल्डी बराड़ उत्तरी अमेरिका में और रोहित गोदारा यूरोप में गैंग की गतिविधियों का संचालन करता था। दोनों पर भारत के बाहर संगठन के नेटवर्क को सक्रिय बनाए रखने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है।
अमेरिकी सरकारी वकीलों का कहना है कि यह गिरोह विशेष रूप से भारतीय मूल के लोगों के बीच डर का माहौल बनाने के लिए हिंसा और धमकी का सहारा लेता था। साथ ही सोशल मीडिया और ऑनलाइन पोस्ट के जरिए अपनी आपराधिक पहचान को प्रचारित कर प्रभाव बढ़ाने की कोशिश भी की जाती थी।

हत्या और कोकीन तस्करी के आरोप
आरोपपत्र में जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में एक प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेता की हत्या का मामला भी शामिल है। अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि इस हत्या का निर्देश लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने दिया था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
अमेरिकी न्याय विभाग का यह भी दावा है कि बिश्नोई का संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोकीन की तस्करी और जबरन वसूली के जरिए धन जुटाता था। जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरोह के सदस्य एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, जैसे व्हाट्सएप, के माध्यम से लोगों और उनके परिवारों को धमकाकर लाखों डॉलर की मांग करते थे। जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि गिरोह ने प्रतिद्वंद्वी तस्कर समूहों से कोकीन की खेप लूटी और अमेरिका तथा कनाडा के बीच मादक पदार्थों की तस्करी में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

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