रेलवे अफसर के यहां सीबीआई को ₹7.50 लाख लिफाफों में मिले, अफसर को पता नहीं कहां से आए!

नॉर्दन रेलवे मुख्यालय पर सीबीआई ने तीसरी बार छापे मारे, हर बार भ्रष्टाचार का खुलासा!

हजरतगंज। रेलवे में कितना भ्रष्टाचार है इसका खुलासा अक्सर छापों में होता है। ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) के रिनीवल का अनुमति पत्र देने के बदले रिटायर्ड टीटीई से 50 हजार रुपये की घूस मांगने वाले नार्दन रेलवे के असिस्टेंट कमर्शियल मैनेजर विनीत कटियार के आवास पर छापे के दौरान सीबीआई को अलग-अलग लिफाफों में 7.50 लाख रुपये की नगदी मिली थी।

मिली नकदी का स्रोत नहीं बताया
जांच में सामने आया कि एटीवीएम के रिनीवल आदि के कार्यों में तमाम शिकायतों के बाद उसे हटाया गया था। इसके बावजूद वह वेंडर पर दबाव बना रहा था। सीबीआई ने सोमवार को विनीत कटियार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद वृंदावन योजना स्थित आवास पर छापा मारकर अहम सुबूत जुटाए थे। उसकी अलमारी में कई लिफाफों में मिली 7.50 लाख रुपये की नगदी के बारे में जब अधिकारियों ने पूछताछ की तो वह इसका सही स्रोत नहीं बता सके।

आय से अधिक संपत्ति की अलग एफआईआर
कई संपत्तियों के दस्तावेज मिलने पर उनकी जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की अलग एफआईआर दर्ज की जाएगी। हजरतगंज स्थित नार्दन रेलवे के मुख्यालय पर सीबीआई ने बीते एक वर्ष के दौरान तीसरी बार सीबीआई छापा मारा है। तीनों ही मामलों में रेलवे के अधिकारियों के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था।

अफसर का दावा, नहीं मांगी घूस
दूसरी ओर एसीएम विनीत कटियार ने दावा किया है कि उनके खिलाफ बदले की भावना से शिकायत की गई है। उन्होंने रिटायर्ड टीटीई विनोद कुमार सिंह की वाराणसी जंक्शन की एवीटीएम मशीन को टर्मिनेट करने की संस्तुति की थी। वर्तमान में एवीटीएम का कार्य उनके पास नहीं, सहायक वाणिज्य प्रबंधक (एसीएम सिद्धार्थ शंकर) के अधीन है।

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