कच्चे तेल के वैश्विक संकट ने बढ़ाई महंगाई, पेट्रोल-डीजल फिर महंगे!

दस दिनों में चौथी बढ़ोतरी से लोगों का बिगड़ा घरेलू बजट

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे देश की आम जनता पर दिखाई देने लगा है। सप्ताह की शुरुआत के साथ ही लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा, जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी गई। बीते मात्र दस दिनों के भीतर यह चौथी बार है, जब ईंधन के दामों में इजाफा किया गया है। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसका असर अब परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ने लगा है।
तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के अनुसार इस बार पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम अब ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके हैं।

दिल्ली और मुंबई में सबसे ज्यादा असर
राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की नई कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। राजधानी में ईंधन के दाम बढ़ने से निजी वाहन चालकों के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
मुंबई में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं डीजल के दाम में 2.81 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद नई कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते दामों ने टैक्सी, ऑटो और माल परिवहन से जुड़े कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

वैश्विक तनाव बना बड़ी वजह
आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्ध और तनावपूर्ण हालात का सीधा असर कच्चे तेल के कारोबार पर पड़ रहा है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के कारण वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते देश की तेल कंपनियों पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ गया है। कंपनियों को लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद कीमतों में वृद्धि का फैसला लिया गया। मंगलवार सुबह तेल कंपनियों ने नई दरें जारी कीं और उन्हें तत्काल लागू कर दिया गया।

महंगाई बढ़ने की आशंका गहराई
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब आम उपभोक्ताओं के खर्च पर साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन लागत बढ़ने से फल, सब्जियां, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में महंगाई और तेज हो सकती है।
लगातार चौथी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दामों ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। घरेलू बजट पहले से दबाव में है और अब ईंधन की नई कीमतों ने लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। फिलहाल हालात को देखते हुए निकट भविष्य में राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है।

Leave a Comment